
टर्मिनल-4 से सालाना 4 करोड़ यात्रियों को मिलेगी सुविधा, 2028 तक होगा तैयार
दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI) को वैश्विक स्तर पर और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए एक नया टर्मिनल-4 विकसित किया जा रहा है। इस परियोजना की आधारशिला केंद्र सरकार और दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (DIAL) के संयुक्त सहयोग से रखी गई है।
DIAL के अनुसार, नया टर्मिनल 4 साल 2028 तक बनकर तैयार होगा और यह सालाना 40 मिलियन यानी 4 करोड़ यात्रियों की क्षमता को संभालने में सक्षम होगा। यह वर्तमान टर्मिनल 3 पर बढ़ते लोड को कम करने के लिए आवश्यक हो गया है।
DIAL के CEO वीडी शर्मा ने बताया, “टर्मिनल-4 को पूरी तरह से ग्रीन बिल्डिंग प्रमाणित बनाया जाएगा। इसमें सौर ऊर्जा, जल पुनर्चक्रण और स्मार्ट बायोमैट्रिक बोर्डिंग जैसे अत्याधुनिक सिस्टम होंगे। यात्री केवल 10 मिनट में प्रवेश से बोर्डिंग गेट तक पहुंच सकेंगे।”
टर्मिनल के डिजाइन में भारतीय सांस्कृतिक तत्वों को शामिल किया जाएगा। कांचीपुरम से प्रेरित छतें, कश्मीरी कालीनों की झलक, और बनारसी कांच का सजावट इसके आंतरिक हिस्से में देखने को मिलेगा।
इस परियोजना से लगभग 25,000 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा।
इसके साथ ही, दिल्ली मेट्रो एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन को भी नए टर्मिनल से जोड़ा जाएगा, ताकि यात्री सीधे शहर से टर्मिनल-4 तक पहुंच सकें।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह दिल्ली को दक्षिण एशिया के एक प्रमुख एविएशन हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक अहम कदम होगा।