
15 दिन में मिले 42 केस, शहर के कई वार्ड हॉटस्पॉट घोषित, फॉगिंग और सर्वे शुरू:
पलवल जिले में बारिश के बाद डेंगू का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार बीते 15 दिनों में जिले में डेंगू के 42 पुष्ट मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें से अधिकांश केस पलवल शहर, हथीन और होडल क्षेत्र से रिपोर्ट किए गए हैं। इस कारण नगर परिषद और स्वास्थ्य विभाग ने मिलकर संयुक्त अभियान शुरू कर दिया है।
शहर के वार्ड नंबर 6, 8, 10 और 14 को डेंगू हॉटस्पॉट घोषित कर दिया गया है। इन इलाकों में स्वास्थ्य टीमें घर-घर जाकर बुखार पीड़ितों की जांच कर रही हैं और साथ ही डेंगू लार्वा की पहचान के लिए पानी की टंकियों, कूलर, गमलों और छतों की तलाशी भी ली जा रही है।
जिला सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र यादव ने बताया कि डेंगू से बचाव के लिए सबसे जरूरी है कि लोग अपने घरों और आसपास पानी जमा न होने दें। “अक्सर लोग बारिश के बाद बालकनी में रखे बर्तनों या प्लांट पॉट्स में पानी जमा कर देते हैं, जो डेंगू मच्छर के लिए प्रजनन स्थल बनता है।”
नगर परिषद के अधिकारी सुबह और शाम फॉगिंग करवा रहे हैं और साथ ही जनता से अपील कर रहे हैं कि वे पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें और मच्छरदानी का इस्तेमाल करें। वहीं सरकारी अस्पतालों में डेंगू वार्ड बनाए गए हैं और डॉक्टरों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिन इलाकों में लगातार मरीज मिल रहे हैं, वहां पर विशेष शिविर लगाकर प्लेटलेट्स की मुफ्त जांच और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था की गई है। हालांकि, डॉक्टरों का कहना है कि अभी तक डेंगू के किसी भी मरीज की हालत गंभीर नहीं है।
अधिकारियों ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर लापरवाही बरती गई तो अगस्त-सितंबर में मामले और बढ़ सकते हैं। स्कूलों में भी बच्चों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। जिला प्रशासन ने बताया कि यदि किसी निजी स्कूल में डेंगू फैलने की सूचना आती है तो उस स्कूल को अस्थायी रूप से बंद किया जा सकता है।
स्थानीय लोग इस पर मिली-जुली प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कुछ लोगों ने कहा कि प्रशासन ने इस बार तैयारी बेहतर की है, वहीं कुछ लोगों का कहना है कि पहले ही फॉगिंग और लार्वा जांच शुरू हो जानी चाहिए थी।