
मुख्य सड़कों से लेकर कॉलोनियों तक भरा पानी, यातायात और जनजीवन दोनों प्रभावित:
फरीदाबाद में पिछले दो दिनों से हो रही भारी बारिश ने नगर निगम की तैयारियों की पोल खोल दी है। सोमवार सुबह से शुरू हुई मूसलधार बारिश के कारण शहर के प्रमुख इलाके जैसे कि बाटा चौक, सेक्टर 15, एनआईटी, बीके चौक, ओल्ड फरीदाबाद और बल्लभगढ़ क्षेत्र जलमग्न हो गए।
जलभराव के कारण कई स्कूलों में छुट्टी घोषित करनी पड़ी, वहीं ऑफिस जाने वाले लोगों को घंटों जाम में फंसे रहना पड़ा। कई जगहों पर सड़कों पर पानी की इतनी मात्रा थी कि टू-व्हीलर और ई-रिक्शा बंद हो गए। स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि उनके दुकानों में पानी भर गया जिससे काफी नुकसान हुआ है।
नगर निगम के अधिकारी दावा कर रहे हैं कि नालों की सफाई कर दी गई थी, लेकिन बारिश की मात्रा ज्यादा थी। वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल यही हालात होते हैं और कोई स्थायी समाधान नहीं निकलता।
सड़क किनारे खुले मेनहोल और टूटी सड़कें लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रही हैं। कुछ इलाकों में सीवरेज का पानी पीने के पानी में मिल जाने की भी शिकायतें मिली हैं। इससे स्वास्थ्य संकट भी गहराने का अंदेशा है।
नगर निगम आयुक्त ने सभी ज़ोनल टीमों को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं और पंप मशीनों की मदद से जलनिकासी का प्रयास जारी है। बावजूद इसके हालात सामान्य होने में 2-3 दिन का समय लग सकता है।
शहरवासियों की मांग है कि सिर्फ बारिश के वक्त नहीं, बल्कि सालभर नालों की सफाई, सड़कों की मरम्मत और जलनिकासी की योजनाएं समय पर पूरी की जाएं। जलभराव की यह समस्या अब महज़ असुविधा नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य और सुरक्षा का मुद्दा बन चुकी है।