
भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने हाल ही में चीन का दौरा किया, जो लद्दाख की गलवान घाटी तनाव के बाद उनकी पहली मैनलैंड यात्रा थी। उन्होंने चीनी विदेश मंत्री वांग यी को स्पष्ट संदेश दिया कि भारत “शून्य सहनशीलता” के सिद्धांत पर चल रहा है, खासकर पाकिस्तान‑समर्थक आतंकवादियों के सिलसिले पर। LAC पर तकराव को टकराव में बदलने से बचाने की जरूरत पर जोर दिया गया, और साथ ही कैलाश मानसरोवर यात्रा पुनः आरंभ करने का मुद्दा भी उठाया गया ।
इस यात्रा से यह संकेत मिलता है कि भारत चीन के साथ संबंधों में स्पष्ट नीति अपनाएगा—जहाँ विकास के मुद्दे साथ-साथ सीमा सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी साथ‑साथ रहेंगे।