राजीव गांधी भारत के छठे प्रधानमंत्री थे। वे देश के सबसे युवा प्रधानमंत्री थे। उन्होंने 21वीं सदी का सपना देख उसे साकार करने का प्रयास किया था। उनका जन्म 20 अगस्त 1944 में हुआ था। वे राजनीति में आने से पहले पायलट थे। उन्होंने अपनी मां तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद पदभार ग्रहण किया और 40 आयु में सबसे कम आयु भारत देश के प्रधानमंत्री बनने का सौभागय प्राप्त किया।
राजीव गांधी ने अपने प्रधानमंत्री रहते हुए विदेश नीति में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए। जिसका उदेश्य भारत को एक मजबूर और स्वतंत्र और आत्म निर्भर राष्ट्र के रूप में स्थापित करना था। उन्होंने क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर भारत की भूमिका को मजबूत करने के लिए कई पहल की। राजीव गांधी ने क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ाने के लिए सार्क जैसे क्षेत्रीय संगठन को मजबूत करने पर जोर दिया। जिससे दक्षिण एशिया में सहयोग और शांति स्थापित की जा सके। राजीव गांधी ने गुटनिरपेक्ष आंदोलन में भारत की भूमिका को सक्रिय रखा और विकाशशील देशों के हितों की रक्षा की आवाज उठाई। राजीव गांधी ने अपने प्रधानमंत्री काल में पश्चिमी देशों के साथ संबधों को बेहतर बनाने की दिशा में काम किया, जिससे भारत को आधुनिक प्रौधिगिकी और आर्थिक सहयोग प्राप्त हो सकें।
राजीव गांधी ने परमाणु निरस्त्रीकरण, पर्यावरण संरक्षण और मानवाधिकार जैसे अंतरर्राट्रीय पक्षों पर भारत का पक्ष मजबूती से रखा। उन्होंने कई देशों के साथ राजनयिक संबधों को मजबूत किया। जिससे भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा बढ़ी। राजीव गांधी ने देश के किसानों और मजदूरों के लिए कई योजनाएं और नीतियां बनाई। उन्होंने ग्रामीण विकाश और गरीबी उन्मूलन पर जोर दिया। उनके कार्यकाल में जवाहर रोजगार योजना जैसी योजनाएं शुरू की गईं, जिनका उदेश्य देश में रोजगार के अवसर पैदा करना और गरीबी कम करना था। इसके अलावा उन्होंने किसानों के लिए कृषि ऋण और सिंचाई सुविधाओं में सुधार पर भी ध्यान दिया। उन्होंने पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत किया। जिससे स्थानीय स्तर पर निर्णय लेने की प्रक्रिया में किसानों और मजदूरो की भागीदारी सुनिश्चित हो सके। उन्होंने सहकारी समितियों को बढ़ावा दिया, जिससे किसानों को अपनी उपज को बेहतर ढंग से बेचने और उचित मूल्य प्राप्त करने में मदद मिली। राजीव गांधी का मानना था कि किसानों और मजदूरों का सशक्तिकरण देश की प्रगति के लिए आवश्यक है। उन्होंने इन वर्गों के कल्याण के लिए कई ठोस कदम उठाए जिनसे उन्हें आर्थिक और सामाजिक रूप से लाभ हुआ। उनके शाशन काल में देश ने तेजी से तरक्की की थी व विदेशों में देश का मान-सम्मान भी बढ़ा था। राजीव गांधी ने आठवें आम चुनाव में 404 लोकसभा की सीटें जीतकर एक इतिहास बनाया था। राजीव गांधी की हत्या 21 मई 1991 को तमिलनाडू के श्रीपेरंबदूर में एक आत्मघाती बम विस्फोट के परिणामस्वरूप हुई थी। देश के लिए उनके बेहतर योगदान के लिए भारत सरकार ने राजीव गांधी को भारत रत्न की उपाधी से नवाजा था। वे 1984 से 1989 तक भारत के प्रधानमंत्री रहे। इस दौरान देश ने तेजी से तरक्की की।
पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय राजीव गांधी की वजह से आज भारत तेजी से विकास कर रहा है। राजीव गांधी ने देश को पंचायती राज, कंपयूटर प्रणाली, 18 वर्ष की आयु होने पर युवाओं को मताधिकार, किसानों और मजदूरों के बेहतर जीवन के लिए कई योजनाएं बनाईं और उन पर अमल कराया।