गांव बुखारपुर की ग्रामीण खेल प्रतिभाएं 10 वर्षों से स्टेडियम की राह देख रही हैं। इन बीते वर्षों में मुख्यमंत्री
घोषणा के तहत बनने वाले इस स्टेडियम के निर्माण की एक ईंट भी नहीं रखी जा सकी है। यहां के खिलाड़ियों को अभी भी सेक्टर-12 स्थित राज्य खेल परिसर में आकर अभ्यास करना पड़ रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने वर्ष 2018 में बल्लभगढ़ में रैली के दौरान गांव बुखार में इंडोर स्टेडियम के निर्माण की घोषणा की थी। उस समय यह स्टेडियम पीडब्ल्यूडी को बनाना था। इसके लिए करीब चार करोड़ रुपये खर्च किए जाने थे। खेल निदेशालय ने वर्ष 2021 में स्टेडियम के निर्माण के लिए 50 लाख रुपये पीडब्ल्यूडी के बैंक खाते में डाल दिए थे, लेकिन पीडब्ल्यूडी ने स्टेडियम का निर्माण शुरू नहीं किया। खेल विभाग द्वारा लगातार ध्यान दिलाने के बाद पीडब्ल्यूडी ने काम शुरू नहीं किया। अंत में पीडब्ल्यूडी में स्टेडियम के निर्माण में असमर्थता जताते हुए मना कर दिया। इसके बाद खेल विभाग ने हरियाणा पुलिस हाउसिंग सोसाइटी से स्टेडियम के निर्माण का फैसला किया। हरियाणा पुलिस हाउसिंग सोसाइटी ने खेल स्टेडियम के लिए निर्माण के नए सिरे से योजना तैयार की। निर्माण लागत 62 प्रतिशत से अधिक हुई सात वर्ष पूर्व बुखारपुर गांव के स्टेडियम को बनाने में साढ़े चार करोड़ रुपये खर्च किए जाने थे, जोकि अब स्टेडियम की लागत 62 प्रतिशत से अधिक हो गई है। सात वर्षों में निर्माण सामग्री, मजदूरी सहित अन्य वस्तुओं के दाम बढ़ गए हैं। अब यह स्टेडियम सात करोड़ 22 लाख 16 हजार रुपये में बनाया जाएगा। अभी स्टेडियम का निर्माण कब शुरू होगा। यह तय नहीं है। हालांकि पुलिस हाउसिंग सोसाइटी एक प्ताह के भीतर स्टेडियम निर्माण शुरू करने का दावा कर रही है। पंचायत ने दी जमीन बुखारपुर गांव में खेलने के लिए कोई विशेष व्यवस्था नहीं है। इसके अलावा गांव के खिलाड़ियों को राज्य खेल परिसर आकर अभ्यास करना पड़ता है। इसके चलते पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल से गांव में स्टेडियम बनवाने की अपील की थी। इसके निर्माण के लिए सात एकड़ भूमि भी दी है। गांव में स्टेडियम बनने के बाद यहां पर खिलाड़ी अभ्यास करने के साथ गांव के बुजुर्ग सैर भी कर सकेंगे।