भिवानी की टीचर मनीषा का गुरुवार सुबह घर से लापता होने के 9वें दिन अंतिम संस्कार कर
दिया गया। मनीषा को उनके छोटे भाई नितेश (13) ने मुखाग्नि दी। इस दौरान पिता संजय फूट-
फूट कर रोए। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा।मनीषा के शव
को गुरुवार सुबह 8 बजे भिवानी के सिविल अस्पताल से घर नहीं ले जाया गया बल्कि सीधा
गांव ढाणी लक्ष्मण के श्मशान घाट लाया गया। बार-बार पोस्टमॉर्टम और शव के पुराने होने की
वजह से हालत बिगडऩे के चलते किसी को कफन हटाकर अंतिम दर्शन नहीं कराए गए। मनीषा
को अंतिम विदाई देने के लिए काफी संख्या में ग्रामीण गांव पहुंचे। उन्होंने मनीषा अमर रहे के
नारे भी लगाए।