भारत ने उभरते क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य के मद्देनजर अपनी बढ़ती सैन्य क्षमताओं का प्रदर्शन करते हुए ओडिशा तट से एकीकृत हवाई रक्षा हथियार प्रणाली (आईएडीडब्ल्यूएस) का पहला उड़ान परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार आईएडीडब्ल्यूएस एक बहुस्तरीय हवाई रक्षा प्रणाली है जिसमें त्वरित प्रतिक्रिया वाली सतह से हवा में मार करने वाली स्वदेशी मिसाइल (क्यूआरएसएएम), बहुत कम दूरी की हवाई रक्षा प्रणाली (वीएसएचओआरएडीएस) मिसाइल और उच्च शक्ति वाली लेजर आधारित निर्देशित ऊर्जा हथियार (डीईडब्ल्यू) प्रणाली शामिल हैं। स्वदेशी हवाई रक्षा प्रणाली का शनिवार 12:30 बजे ओडिशा तट से उड़ान परीक्षण किया गया। नई हवाई रक्षा प्रणाली का उड़ान परीक्षण ऑपरेशन सिंदूर के साढ़े तीन महीने बाद हुआ है।
आईएडीडब्ल्यूएस के अंतर्गत एक केंद्रीकृत कमान एवं नियंत्रण केंद्र सभी हथियार प्रणालियों का एकीकृत संचालन करेगी। डीआरडीओ ने कमान एवं नियंत्रण केंद्र बनाया है, जो वायु रक्षा कार्यक्रम के लिए नोडल प्रयोगशाला है। वीएसएचओआरएडीएस और डीईडब्ल्यू क्रमश: अनुसंधान केंद्र इमारत और उच्च ऊर्जा प्रणाली एवं विज्ञान केंद्र द्वारा विकसित किए गए हैं। मंत्रालय ने एक बयान में कहा, उड़ान परीक्षणों के दौरान क्यूआरएसएएम, वीएसएचओआरएडीएस और उच्च ऊर्जा लेजर हथियार प्रणाली ने अलग-अलग दूरी और ऊंचाई पर तीन अलग-अलग लक्ष्यों को एक साथ निशाना बनाया और पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया।