बुधवार को सुबह से ही लगातार बारिश होने से लोगों को गर्मी से राहत जरूर मिली, लेकिन सड़कों पर हुए जलभराव ने लोगों की मुसीबतें बढ़ा दीं। नेशनल हाईवे हो या फिर सेक्टर की सड़कें सभी पर तालाब की तरह नजर आ रही थीं। इसके अलावा बस डिपो में पानी भर गया है। बारिश से दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर सहित शहर के विभिन्न हिस्सों में जलभराव देखा गया। जलभराव की वजह से वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लग गया था। इससे वाहन चालक परेशान रहे। दिल्ली-मथुरा हाईवे से लेकर शहर में पानी निकासी के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। यही कारण है कि जब भी वर्षा होती है तो जलभराव हो जाता है। इससे कई घंटे तक वाहनों का आवागमन थम जाता है। जलभराव से हाईवे भी अछूता नहीं रहता है। सीकरी से लेकर बल्लभगढ़ और बाटा चौक तक लगभग हर चौराहे व सर्विस रोड पर जलभराव होता है। बुधवार को भी कई जगह सर्विस रोड पर काफी पानी जमा हो गया। शहर के वाहन चालक अधिकतर सर्विस रोड का ही प्रयोग करते हैं।
लेकिन यहां जलभराव होने की वजह से चालकों को परेशानी हुई। हाईवे पर जलभराव के समाधान के लिए कई करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं लेकिन स्थायी समाधान नहीं मिल पा रहा है। हर बार वर्षा के बाद बुरा हाल होता है। सालभर पहले ओल्ड फरीदाबाद, अजरौंदा की सरपंच कालोनी, खाटू श्याम मंदिर, बाटा, गुडईयर, वाईएमसीए, कैली चौक के पास हाईवे के नीचे बड़ी लाइन डाली है। इन चौराहों पर चैंबर बना दिए हैं। इससे थोड़ी राहत मिली है। इस पर करीब 10 करोड़ का खर्चा आया है। अजरौंदा चौक पर ही पानी निकासी के नाम पर 1.16 करोड़ रुपये खर्च करने का दावा किया है। इस बारे में एनएचएआई परियोजना अधिकारी धीरज सिंह का कहना है कि पानी निकासी के इंतजाम और बेहतर किए जा रहे हैं। अधिक वर्षा होने की वजह से कचरा मैनहोल पर जमा हो जाता है। इससे पानी नहीं निकल पाता। श्रमिकों को लगाकर सफाई करा दी जाती है। जहां पानी निकलता, वहां टैंकरों से निकलवा दिया जाता है। जल्द पानी निकासी के स्थायी इंतजाम भी किए जा रहे हैं।