बारिश के मौसम में मच्छरजनित बीमारियां डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया का खतरा बढ़ गया है। अस्पतालों में इन मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में डॉक्टरों ने लोगों को सावधानी बरनते की सलाह दी है। शहर में कुछ दिनों से बारिश का दौर जारी है।इससे जगह-जगह पानी इकठा हो गया है। गलियों में, सड़क किनारे, खाली प्लाटों में पानी जमा होने से मच्छर का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे अस्पतालों में डेंगू, मलेरिया और सामान्य बुखार के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है।
ESIC मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में मेडिसिन विभाग की ओपीडी एक माह में 500 से बढ़कर 900 मरीजों तक पहुंच गई है। वहीं बीके अस्पताल में 150 से बढ़कर 200 मरीज रोजाना इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें सर्दी, खासी, जुखाम, बुखार, मलेरिया और डेंगू के मरीज ज्यादा हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से इन बीमारियों की रोकथाम को लेकर इंतजाम नाकाफी नजर आ रहे हैं। बच्चों में इन दिनों सर्दी-जुकाम और बुखार के साथ पेट की बीमारियों के मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है।
डेंगू में तेज बुखार, जोड़ों में दर्द, मांसपेशियों और हड्डियों में दर्द, शरीर पर लाल चकते पडना, सिरदर्द होना है। डेंगू गंभीर स्थिति में पहुंचने पर मरीज शॉक में चला जाता है या फिर उसे हेमरेजिक डेंगू हो जाता है। उसमें मरीज के मल्टी ऑर्गन फेलियर भी हो सकता है। ये बरतें सावधानियां : घर में या घर के आसपास कहीं भी बारिश का पानी भरा हुआ दिखाई दे तो उसके निकास का प्रयास करें। घर में प्लास्टिक के बर्तन, ड्रम या पुरानी चीजों को ढककर रखें। त्वचा पर मॉसकिटो रिप्लेंट लगाकर रखें। आप चाहे तो रिपेलन्ट के तौर पर स्प्रे, लोशन या पैचेस भी लगा सकते हैं।