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यमुना नदी में आई बाढ़ से हजारों एकड़ में खड़ी फसलों पर संकट गहराया

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यमुना नदी में आई बाढ़ से यमुना नदी के आस-पास के गांवों की हजारों एकड़ में खड़ी धान, ज्वार, मूंग, बाजरा, तिल, गवार,ईख, मक्का, लोबिया, रमास, उड़द आदि फसलों पर संकट गहरा गया हैं। किसानों का कहना है कि यमुना का जल स्तर तेजी से बढ़ रहा है।

जिससे नदी के पास बसे गांव बागपुर, दोषपुर, शेखपुर, मेवलीपुर, इन्द्रानगर, चांदहट, घोड़ी, थंथरी, बलई, शोलड़ा, भोलड़ा, घोड़ी, प्रहलादपुर, सिहोल, माहौली, हसनपुर, मोहना, छांयसा आदि गांवों के किसानों की हजारों एकड़ में खड़ी फसलों के बहने का खतरा बन गया। नदी का पानी तेजी से खेतों की तरफ बढ़ रहा हैं। जिससे खेतों में खड़ी फसलें बह सकती हैं। किसानों का कहना है कि यदि यमुना का जल स्तर थोड़ा और बढ़ता है तो किसानों की फसलों को अपने साथ बहाकर ले जाएगा। जिससे खादर के किसानों का करोड़ों रूपए का नुकशान होगा। किसानों ने बताया कि इस बार अच्छी बारिश होने की वजह से फसलों की पैदावार अच्छी थी। वहीं किसानों ने अपनी फसलों में खाद, बीज, नलाई, गुडाई आदि पर भी हजारों रूपए प्रति एकड़ खर्च किया था।

परंतु नदी में आई बाढ़ से सब कुछ बर्बाद हो जाएगा। किसानों का कहना है कि फसलों के बहनें से क्षेत्र में पादावार में भी भारी गिरावट होगी। किसानों का कहना है कि फसलों के पानी में बहने की हालात में प्रतेयक किसान को लाखों रूपए का नुकशान होगा। जिससे क्षेत्र के किसानों की आर्थिक हालात पर बुरा असर पड़ेगा।
यमुना नदी में आई बाढ़ से किसानों की हजारों एकड़ भूमि पर खड़ी फसलों के लिए खतरा बन गया है। थोड़ा सा भी और जल स्तर बढ़ा तो किसानों की फसलें नदी के पानी में बह जाएंगी। जिससे किसानों को भारी नुकशान होगा। किसानों का कहना है कि यदि यमुना का जल स्तर थोड़ा और बढ़ता है तो किसानों की फसलों को अपने साथ बहाकर ले जाएगा। जिससे खादर के किसानों का करोड़ों रूपए का नुकशान होगा। किसानों ने बताया कि इस बार अच्छी बारिश होने की वजह से फसलों की पैदावार अच्छी थी। वहीं किसानों ने अपनी फसलों में खाद, बीज, नलाई, गुडाई आदि पर भी हजारों रूपए प्रति एकड़ खर्च किया था। परंतु नदी में आई बाढ़ से सब कुछ बर्बाद हो जाएगा। किसानों का कहना है कि फसलों के बहनें से क्षेत्र में पादावार में भी भारी गिरावट होगी। किसानों का कहना है कि फसलों के पानी में बहने की हालात में प्रतेयक किसान को लाखों रूपए का नुकशान होगा। जिससे क्षेत्र के किसानों की आर्थिक हालात पर बुरा असर पड़ेगा। यमुना नदी में आई बाढ़ से किसानों की हजारों एकड़ भूमि पर खड़ी फसलों के लिए खतरा बन गया है।

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