NIILM विश्वविद्यालय कैथल के इतिहास विभाग के छात्रों ने पंचकूला की ऐतिहासिक धरोहरों का भ्रमण
किया। विभाग द्वारा विद्यार्थियो के लिए एक दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य
छात्रों को हरियाणा की एतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहरों से अवगत करवाना था। भ्रमण की शुरुआत यादुवेन्द्र गार्डन से हुई जो मुगलकालीन बागवानी शैली का एक अद्वितीय उदाहरण है। छात्रों ने यहां की सुन्दर वस्तुकला और एतिहासिक पृष्ठभूमि का अध्ययन किया।
इसके पश्चात विद्यार्थी गुरुद्वारा नाडा साहिब पहुंचे जो सिखों के दसवें गुरु, गुरु गोविंद सिंह के आगमन से जुड़ा एक पवित्र धार्मिक स्थल है। अंतिम पड़ाव मोरनी का किला रहा जो शिवालिक पर्वत श्रृंखला में स्थित है। इस किले का महत्व यह है कि इसे राजा मोरध्वज मे अपनी पत्नी मोरनी के नाम से बनवाया था। इससे विद्यार्थियों को कक्षा की सीमाओं से निकल कर इतिहास को प्रत्यक्ष रूप से जानने का अवसर मिला। इस अवसर पर विभाग अध्यक्ष डॉ पवन, कबीर इतिहास विभाग, सुमन पुनिया इतिहास विभाग और संकाय सदस्य डॉ पाण्डे अर्थशास्त्र विभाग, डॉ सुमन हिन्दी विभाग, सुनीता हिन्दी विभाग, डॉ आशा पाण्डेय गृह विज्ञान विभाग, डॉ मोहम्मद ईशान अंग्रेजी विभाग, डॉ नरेन्द्र संस्कृत विभाग, अजीत पंजाबी विभाग, डॉ अनिल ललित कला विभाग सहित विभिन्न संकाय सदस्य उपस्थित रहे।