निर्माण शुरू होने के 4 साल बाद भी बघौला ओवर ब्रिज का निर्माण पूरा नहीं हुआ है। जिसका खामियाजा पलवल से दिल्ली व दिल्ली से आगरा की तरफ जाने वाले नौकरी पेशा लोगों व हजारों पर्यटकों को उठाना पडता हैं। हर रोज बघौला गांव में सुबह-सांय व दोपहर को घंटों जाम लगता हैं। जिससे लोगों को दो किलोमीटर की दूरी तय करने में कई बार तो घंटों तक लग जाते हैं। इसकी वजह से कई बार तो दस-दस किलोमीटर तक वाहनों की लंबी लाइन लग जाती है।
लोगों ने बघौलौ ओवर ब्रिज निर्माण को जल्द से जल्द पूरा करवाने की मांग की है जिससे यहां से गुजरने वाले लोगों को आने-जाने में परेशानी ना हो। जानकारी के अनुसार पलवल-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर बघौला गांव में ओवर ब्रिज का निर्माण चार साल पहले शुरू हुआ था। उस समय बघौला ओवर ब्रिज को बनवाने में एक साल का समय निर्धारित किया गया था। परंतु धीरे-धीरे बघौला ओवर ब्रिज के निर्माण की तय सीमा बढ़ती रही। चार साल के करीब निर्माण कार्य शुरू होने के बाद भी आज तक इसका निर्माण कार्य अधूरा है। ओवर ब्रिज के निर्माण का कार्य चार साल बाद भी पूरा नहीं होने का खामियाजा सबसे ज्यादा नौकरी पेशा व आगरा व फतेहपुर सीकरी जाने वाले पर्यटकों को उठाना पडता हैं। बघौला गांव में हर दिन लंबा जाम लगता है।
जिसकी वजह से 2 किलोमीटर की दूरी तय करने में ही वाहन चालकों को की बार तो जाम लगने पर तीन से चार लग जाते हैं। जिससे नौकरी पेशा लोगों को जहां आर्थिक नुकसान होता है वहीं पर्यटकों को भी भारी कठिनाइयों का सामना करना पडता है। लोगों का कहना है कि बघौला ओवर ब्रिज का निर्माण जल्द से जल्द पूरा करवाया जाए। जिससे लोगों को जाम में फंसने से छूटकारा मिले। बघौला ओवर ब्रिज का निर्माण की देरी की वजह से पृथला, बघौला, ततारपुर, धतीर, औरगांबाद औद्योगिक इकाइयों में काम करने वाले लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पडता है। जाम में फंस जाने की वजह से वे समय पर अपनी नौकरी पर नहीं पहुंच पाते हैं। जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान होता है। बघौला गांव में हर दिन लंबा जाम लगता है। जिसकी वजह से 2 किलोमीटर की दूरी तय करने में ही वाहन चालकों को की बार तो जाम लगने पर तीन से चार लग जाते हैं। जिससे नौकरी पेशा लोगों को जहां आर्थिक नुकसान होता है वहीं पर्यटकों को भी भारी कठिनाइयों का सामना करना पडता है।