जिला भर में हुई भारी बरसात एवं जलभराव के कारण 200 गांवों में 3591 किसानों की लगभग 23 हजार
574 एकड़ कृषि भूमि में जल भराव की रिपोर्ट प्राप्त हुई है। जिस भी किसान की जल भराव से फसल
खराब हुई है, वह किसान क्षति पूर्ति पोर्टल पर अपनी फसल खराबे की रिपोर्ट दर्ज करवाएं।
पोर्टल 15 सितंबर तक खोला गया है। सरकार की ओर से फसल खराबे व अन्य नुकसान का राहत
मुआवजा दिया जाएगा। उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि इस जिले में तटबंधों को मजबूत करने के लिए सिंचाई विभाग, एसडीआरएफ, डीडीपीओ व नप की टीमों द्वारा लगातार कार्य जारी है। पूरा प्रशासन और सभी विभाग जलभराव की समस्या के निदान के लिए सजगता के साथ जुटे हुए हैं।
उन्होंने कहा कि शाहाबाद व पिहोवा क्षेत्र में मारकंडा में ज्यादा पानी आने से जलभराव की स्थिति उत्पन्न हुई
है। इन क्षेत्रों में प्रशासन ने जलभराव से प्रभावित नागरिकों के लिए राहत शिविर शुरू किए हुए हैं। जिले
में जरूरत के अनुसार राहत शिविर बनाए गए हैं। उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि नगर परिषद
की टीमें जलभराव पीड़ितों की निरंतर मदद कर रही हैं। बीमारियों की रोकथाम के लिए मेडिकल टीमें
अपना कार्य कर रही हैं। किसी भी नागरिक को घबराने की जरूरत नहीं है। सरकार और प्रशासन मदद
को निरंतर तत्पर है। उन्होंने कहा कि जिला के किसी भी नागरिक को परेशानी नहीं होने दी जाएगी।