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न्यूनतम वेतन वृद्धि व अन्य मांगों को लेकर सीटू 14 सितंबर को जिला मुख्यालय करेगी प्रदर्शन

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न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी एवं अन्य मांगों को लेकर कल 14 सितंबर को जिला मुख्यालय सेक्टर 12 में होने वाले प्रदर्शन की सीटू ‌ जिला कमेटी ने तैयारीयां पूरी की। यह जानकारी सीटू के ‌ जिला सचिव वीरेंद्र सिंह डंगवाल ने दी। ‌ उन्होंने बताया कि इस सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल में न्यूनतम वेतन में ‌बढ़ोतरी नहीं की। ‌ नियम अनुसार हर 5 साल के बाद वेतन में बढ़ोतरी होनी चाहिए। यदि सरकार वर्ष 2015 में वेतनमान संशोधन कर देती तो हरियाणा के मजदूरों का वेतन आज 26000 रुपया होता। ‌‌ ‌ इसलिए वेतन में ‌‌ बढ़ोतरी करने की मांग को लेकर कल ‌ 14 सितंबर को जिला मुख्यालय पर विरोध पर ‌ विरोध प्रदर्शन होगा। इस ‌‌ प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए ‌ सीटू ने अपनी मीटिंग में फरीदाबाद की तमाम श्रमिक बस्तियां, कॉलोनियों में जन जागरण अभियान चलाने का निर्णय लिया था । इस अभियान के तहत अब तक 20 हजार हैंड बिल वितरित किए जा चुके हैं।

उन्होंने बताया कि 3 दिन तक लगातार थ्री व्हीलर्स के द्वारा प्रचार किया गया । इसके लिए 3 टीमें का गठन किया गया था। पहली टीम में सीटू के जिला उपाध्यक्ष रविन्द्र ,‌ मनोज कुमार, ‌ प्रेम कुमार और जसवंत शामिल थे। इस टीम ने डीएलएफ औद्योगिक क्षेत्र, दयाल नगर, ओल्ड फरीदाबाद लक्कड़पुर, मेवला महाराजपुर,‌ पल्ला- तिलपत, राजीव नगर ‌ आदि स्थानों में हैंड बिल वितरित किए। दूसरी टीम में देवेंद्र कुमार, प्रमोद कुमार ,शिव प्रसाद, ‌ जिला उपाध्यक्ष , निरंतर पराशर जिला ‌ प्रधान आदि शामिल थे। इस टीम ने एसजीएम नगर , ईएसआईसी ‌ नंबर तीन ,‌ हार्डवेयर चौक सेक्टर 22, सेक्टर 23, सेक्टर 24, सेक्टर 25 सेक्टर 58, और 59 में पर्चे बांटे। आज की ‌ टीम ने सेक्टर 6 इंडस्ट्रियल एरिया,सेक्टर 3 सेक्टर 4 बल्लभगढ़ और आईएमटी में प्रचार प्रसार किया।

इस टीम में सुरेश कुमार शिव प्रसाद, संतू राम,रामजीत चौधरी आदि शामिल ‌रहे। जिला सचिव ने बताया कि ‌ पहले हरियाणा में न्यूनतम वेतन दिल्ली से अधिक था। आज दिल्ली का श्रमिक हरियाणा से 7 हजार अधिक मजदूरी ‌ प्राप्त कर रहा है। यह ‌ प्रत्यक्ष रूप से हरियाणा के मजदूरों के साथ सरकार ‌ द्वारा किया जा रहा भारी अन्याय है। उन्होंने कहा इस भेदभाव को दूर करने के लिए सीटू ने पहलकदमी की है। और राज्य सरकार को न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी करने के लिए वेज एडवाजरी ‌ बोर्ड गठित करने के लिए मजबूर कर दिया। ‌ उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के बाद रविवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम सीटू की तरफ से मांग पत्र भी दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि महंगाई लगातार बढ़ रही है। खाद्य पदार्थों ,जीवन रक्षक दवाइयां, ‌ पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस, ‌ स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की फीस, ‌ पुस्तक इत्यादि पर खर्चा अधिक हो रहा है। लेकिन ‌ सरकार पिछले 10 ‌ बरसों से मजदूरी में वृद्धि नहीं कर रही है। श्रमिकों की लगातार उपेक्षा की जा रही है। जबकि श्रमिक ही प्रदेश के विकास की कड़ी है।

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