फरीदाबाद एस्टेट एजेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा एचएसवीपी विभाग द्वारा सेल परचेज का पोर्टल लॉन्च किए जाने के खिलाफ विरोध दर्ज करवाने के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। प्रधान आकाश गुप्ता एवं महासचिव गुरमीत सिंह देओल ने इस पोर्टल की खामियों के विषय में प्रकाश डाला और एचएसवीपी विभाग को अपने मुख्य दायित्व का निर्वाह करने तक ही सीमित रहने के बारे में संदेश दिया। जिस उद्देश्य के लिए इस विभाग का गठन किया गया था।
उस उद्देश्य से भटककर अब यह विभाग कृषि योग्य उपजाऊ भूमि पर रिहायशी एवं औद्योगिक सेक्टर बनाकर नीलामी प्रक्रिया द्वारा व्यापारी की भूमिका अदा कर रहा है जबकि इसके निर्माण का उद्देश्य केवल बंजर, रेतीली या पथरीली भूमि पर रिहायशी एवं औद्योगिक सेक्टरों का निर्माण कर सभी निम्न एवं उच्च वर्ग के लोगों के लिए आधुनिक सुविधाओं से संपन्न शहरों को बसाना था। इस मुख्य कार्य से हटकर जहां एक ओर गरीबी रेखा से नीचे निम्न आय, मध्य आय अथवा संपन्न लोगों के लिए अलग-अलग साइज एवं कैटेगिरी के प्लॉट काटकर ड्रा द्वारा सभी उचित पात्रों को आरक्षित कोटे में भी आवेदन किए जाने की सुविधा प्रदान करना था लेकिन पिछले 3-4 वर्षों से यह विभाग पूर्णतया व्यापारिक सोच के साथ बाजार में केवल विशेष वर्ग के लोगों के हित साधने के लिए नीलामी प्रक्रिया द्वारा नए सेक्टरों के साथ-साथ पुराने सेक्टरों में भी ईडब्ल्यूएस तक के आरक्षित प्लाटों की भी बिक्री कर रहा है।
जिसके कारण रियल एस्टेट कारोबारियों एवं समस्त हरियाणा प्रदेश के इस सुविधा का लाभ उठाने से वंचित रह गए लोगों में भारी आक्रोश है। जहां इस ओर समाधान किया जाना चाहिए था वहीं ठीक इसके विपरीत और नई प्रक्रिया पोर्टल के माध्यम से सीधा प्रॉपर्टी एजेंट के रूप में सेल परचेज की प्रक्रिया में इस विभाग को उतारने से अन्य सभी प्लाट धारकों जिनके कार्य पहले भी कई-कई वर्षों एवं महीनों से पेंडिंग चल रहे हैं। उनके कार्य और अधिक प्रभावित होने की पूरी संभावना है क्योंकि विभाग के 60% कर्मचारी और अधिकारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं और सरकार ने नई भर्ती शुरू नहीं की है। स्टाफ एवं कर्मचारियों के अभाव में पहले ही विभाग की फजीहत हो रही है। नई प्रक्रिया में और अधिक काम बढ़ जाने से यह आक्रोश व्यापक स्तर पर फैलने की पूरी संभावना है। इसके साथ-साथ वर्षों से रियल एस्टेट कारोबार में जुड़े हुए हजारों रियल एस्टेट कारोबारी, डीलर- बिल्डर एवं उनसे जुड़े हुए अनेकों-अनेकों परिवारों के बेरोजगार होने की पूरी संभावना है। इस विभाग ने पहले ही लगभग साढ़े तीन सौ से चार सौ एडवोकेट प्रदेश की विभिन्न लोअर कोर्ट, सेशन कोर्ट, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक में प्लाट धारकों से चल रहे कानूनी विवादों में झोंक रखे हैं। और हर जिले में लीगल सेल का एक अलग विभाग भी इन समस्याओं से संबंधित बनाया हुआ है।
सर्वप्रथम इन्हें अपने विभाग व प्लांट धारकों के बीच हजारों विवादों को दूर करने के साथ-साथ विभिन्न सेक्टरों में प्लाट धारकों को मूलभूत आधुनिक सुविधाओं को प्रदान करने के अपने मूल उद्देश्य की तरफ ध्यान देना चाहिए। यदि एचएसवी विभाग ने अपने इस पॉलिसी को समाप्त नहीं किया तो हमारी संस्था प्रदेश के विभिन्न जिलों में स्थापित सभी रियल एस्टेट कारोबारियों से संपर्क करके इसका व्यापक स्तर पर विरोध करते हुए मुख्यमंत्री से मुलाकात का समय लिया जाएगा और इस पॉलिसी को बंद कराने के लिए हर स्तर पर कठोर से कठोर निर्णय लेकर विरोध दर्ज करने में हमारी संस्था पीछे नहीं रहेगी।