शनिवार को फरीदाबाद की महापौर प्रवीण बत्रा जोशी ने केरल अर्बन कॉन्क्लेव 2025, कोच्चि के मंच पर भागीदारी की, जिसमें देश-विदेश के मेयरों ने शहरी विकास के अनुभव साझा किए। इस अवसर पर महापौर ने हरियाणा सरकार की विकासोन्मुख नीतियों और फरीदाबाद नगर निगम की कार्यप्रणाली का विस्तार से उल्लेख किया। महापौर प्रवीण बत्रा जोशी ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सैनी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में हरियाणा सरकार हर वर्ग तक विकास की रोशनी पहुँचाने के लिए समर्पित है। सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी वर्ग या क्षेत्र को पीछे न छोड़ा जाए। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए नगर निगम फरीदाबाद भी लगातार नई योजनाओं और जनसहभागिता आधारित कार्यक्रमों पर कार्य कर रहा है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हर घर नल से जल अभियान को सफल बनाने के लिए निगम ने विशेष पहल की है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच की दूरी को पाटने के लिए निगम ने आधारभूत ढांचे में तेज़ी से सुधार किया है ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में भी शहरी जैसी सुविधाएँ मिल सकें। महापौर प्रवीण बत्रा जोशी ने आगे कहा कि निगम फरीदाबाद न केवल शहरी विस्तार पर ध्यान दे रहा है बल्कि पर्यावरण और जल संरक्षण जैसे मुद्दों पर भी ठोस कदम उठा रहा है। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के पानी से भूजल रिचार्ज, तालाबों का निर्माण और यमुना में ट्रीटेड वाटर छोड़ने जैसे कदम जल संकट को दूर करने और पर्यावरण संतुलन बनाने में मील का पत्थर साबित हो रहे हैं। इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर महापौर ने फरीदाबाद की पहलों को साझा करते हुए कहा कि नगर निगम ने जनभागीदारी मॉडल को अपनाया है।
आरडब्ल्यूए, सामाजिक संगठनों और युवाओं की सक्रिय भागीदारी के माध्यम से निगम शहर को और अधिक हरित, स्वच्छ और आधुनिक बनाने के लिए कार्य कर रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि फरीदाबाद नगर निगम ने ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण और नवीकरण पर भी विशेष ध्यान दिया है। राजा नाहर सिंह महल, महारानी की छतरी, संत सूरदास मंदिर परिसर जैसे स्थलों का संरक्षण न केवल सांस्कृतिक जुड़ाव को मजबूत करता है बल्कि शहर की पहचान को भी सशक्त बनाता है।महापौर प्रवीण बत्रा जोशी ने कहा कि यह उनके लिए गर्व की बात है कि वे भारत और विदेशों के 30 से अधिक मेयरों के बीच खड़े होकर यह साझा कर सके कि फरीदाबाद कैसे स्वच्छ, हरित और आधुनिक शहर बनने की दिशा में अग्रसर है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस प्रकार के अंतरराष्ट्रीय संवाद से सभी शहरों को एक-दूसरे के अनुभवों से सीखने और बेहतर करने की प्रेरणा मिलेगी।