फिरोजपुर झिरका रविवार को धर्मप्रेमियों के सौजन्य से लाल कुआं चौक सुखामल धर्मशाला की प्रांगण में संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा के आयोजन से पूर्व श्रद्धालुओं ने सुबह सवा ग्यारह बजे गढ़ अंदर श्री सीताराम मंदिर से महिलाओं द्वारा भव्य कलश यात्रा निकाली गई। यह धार्मिक यात्रा ढोल नगाड़े एवं बैंड – बाजे पर संचालित श्याम भजनों पर नाचते गाती नजऱ आईं। इस धार्मिक आयोजन में 201 महिला कलश यात्रियों के पूरी श्रद्धाभाव एवं समर्पण भक्ति से मंगल कलश उठाया इसके साथ ही कथा में परीक्षित की भूमिका निभाने वाले व्यक्ति अपने सर पर श्रीमद् भागवत कथा को सर पर रखकर यात्रा में शामिल नजर आए।
वहीं बाजार में मौजूद दुकानदारों ने शुद्ध पेयजल, जलजीरा, फ्रूटी, शरबत, बिस्किट एवं फल फ्रूट आदि वितरित कर धर्म लाभ उठाया और पूरा बाजार श्याम नाम की गगनभेदी जयकारों से गूंजता नजर आया। मंगल भजन गाकर मंगलमय कर दिया वातावरण : मातृशक्ति ने पारंपरिक व आधुनिक वाद्य यंत्रों की सहायता से मंगल भजन गाकर भजनामृत से वातावरण को मंगलमय कर दिया। हर व्यक्ति इन भजनों पर नृत्य करने के लिए के लिए विवश हो गया। पालने में लेकर निकले गोपाल जी को : नगर परिक्रमा के दौरान श्रद्धालु विकास गर्ग गोपाल जी को पालने में लेकर नगर परिक्रमा कराया तो शहर के भक्तगणों ने गोपाल जी के दर्शन कर पुण्यार्जन किया।
विधि विधान के साथ की गई पूजा अर्चना : देश व विश्व कल्याण की भावना के साथ सर्व मंगल कार्येषु, सर्व सुख कार्येषु के निमित्त विधि विधान के साथ बृज भूमि वृंदावन से पधारे कथा प्रवक्ता सत्यनारायण महराज प्रेम बिहारी कुंज आदि बृंदावन धाम ने विधि विधान के साथ संकल्प कलश स्थापना पूजा अर्चना का कार्य संपन्न करवाया। कथा प्रवक्ता ने बताया भागवत कथा का महत्व : दोपहर एक पंद्रह से लेकर शाम पांच पंद्रह पर आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में कथा प्रवक्ता सत्यनारायण महराज प्रेम बिहारी कुंज आदि बृंदावन धामने भागवत कथा के बारे के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया श्री मद्भागवत कथा के सुनने से पापियों का भी उद्धार हो जाता है। व्यक्ति को एकाग्र होकर भागवत कथा सुननी व सुनानी चाहिए। व्यक्ति को सदैव सद्मार्ग पर चलना चाहिए। दादा दादी माता- पिता की सेवाकर उनकी आज्ञा का पालन करना चाहिए। प्रतिदिन देव दर्शन के लिए मंदिर अवश्य जाना चाहिए। इस अवसर पर धर्मनारायण गुप्ता, दिनेश गर्ग, प्रमोद गर्ग, विपिन गर्ग, राहुल गर्ग, राजू गर्ग, लवी गर्ग सहित काफी संख्या में महिलाएं, पुरुष एवं बच्चे श्रद्धालु मौजूद रहे।