पलवल दिल्ली-मथुरा राष्ट्रीय राजमार्ग बारिश के बाद जगह-जगह से जर्जर व गड्डेदार बना हुआ है। टोल प्लाजा इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों से करोड़ो रूपए प्रति दिन वसूलता है। परंतु उसके बाद भी मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों को बेहतर यातायात की सुविधा देने में पूरी तरह से असफल रहा है। जर्जर व गड्डेदार मार्ग होने की वजह से मार्ग से कुछ ही किलोमीटर की दूरी तय करने में घंटों लग जाते है। सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में अपने एक फैसले में कहा है कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण जर्जर मार्ग से टोल नहीं वसूल सकता है। परंतु उसके बाद भी मार्ग का नवनिर्माण नहीं कराने से मार्ग से गुजरने वाले लोगों में नाराजगी है।
जानकारी के अनुसार दिल्ली-मथुरा मार्ग होडल से लेकर बल्लभगढ़ तक जगह-जगह से टूट कर जर्जर बना हुआ है। मार्ग बघौला, पृथला, आल्हापुर, बामनीखेडा, औरगांबाद, बंचारी, कुशलीपुर, आल्हापुर, सीकरी, झाडसैंतली, कैली आदि गांवों के आस-पास से जगह-जगह से टूटा हुआहै। मार्ग पर बने गड्डों में बारिश होने पर बारिश व सीवर का पानी भर जाता है।
जिससे मार्ग पर हर रोज घंटों का जाम रहता है। जिससे कुछ किलोमीटर की दूरी ही तय करने में वाहन चालकों को घंटों तक लग जाते है। जाम की वजह से कई बार तो नौकरी पेशा , व्यापारी, टूरिस्ट आदि अपने कार्य स्थल पर समय पर नहीं पहुंच पाते है। जिससे उनको आर्थिक नुकशान होता है। लोगों का कहना है कि
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों से हर रोज करोड़ो रूपए कमाता है।
परंतु मार्ग की मरम्त समय पर नहीं कराता है। जिसका खामियाजा वाहन चालकों को उठाना पडता है। जिससे वे हर रोज घंटो जाम में फंसे रहते है। लोगों का कहना है कि हाल ही में उच्चतम न्यायलय ने
अपने एक फैंसले में कहा है कि जर्जर व खराब मार्ग से टोल नहीं वसूला जा सकता है। परंतु उसके बाद
भी दिल्ली-मथुरा राष्ट्रीय राजमार्ग की होडल से बल्लभगढ़ के बीच नव निर्माण नहीं करवाया जा रहा है।
जिससे लोगों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि एनएचआई मार्ग का तेजी से नव निर्माण करवाए।
जिससे लोगों को आने-जाने में सुविधा रहे।