नूंह शहर की अरावली कॉलोनी में शनिवार की सुबह एक दुखद घटना सामने आई, जहां बिजली विभाग के कर्मचारी वीरेंद्र यादव का मृत शरीर 1 ट्रांसफार्मर के पास मिला। स्थानीय लोगों ने शोर मचाकर पुलिस को सूचित किया, जिसके बाद मौके पर पुलिस पहुंची। प्रारंभिक जांच में संभावना जताई जा रही है कि बरसात के कारण भारी जलभराव के बीच करंट लगने से कर्मचारी की मौत हुई हो। कॉलोनी में बाढ़ जैसे हालात के बीच ट्रांसफार्मर के नजदीक व्यक्ति का शव देखे जाने से हड़कंप मच गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
अधिकारियों के अनुसार, आगे की जांच जारी है और मौत के सटीक कारण का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट से चलेगा। बिजली विभाग एसडीओ नूँह अमित यादव ने बताया कि वीरेंद्र यादव करीब 4 साल पहले ए एल एम के पद पर भर्ती हुआ था, जो करीब एक साल से लाइन मेन के पद पर कार्यरत था। नूँह में वह एक शिकायत पर काम करने गया था। मौत कैसे हुई इसकी पुलिस व विभाग जाँच करेगा। मृतक वीरेंद्र यादव के छोटे भाई पंकज यादव व बुआ कृष्णा देवी ने बताया कि उनका लाडला गरीबी में था। माता – पिता का निधन हो चुका है। मृतक की दो छोटी-छोटी उम्र की बेटियां हैं।
परिजनों ने कहा कि उन्हें सुबह करीब 8 बजे विभाग ने हादसे की सूचना दी, जिसके बाद उनकी पैरों तले की जमीन खिसक गई और नूँह के लिए चल पड़े। पीडि़त परिवार ने त्वरित व निष्पक्ष न्याय की मांग के साथ – साथ परिवार के सदस्य को नौकरी की मांग की है। शहर थाना पुलिस कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है। क्या खास: खास बात यह है कि बरसात के कारण नूँह शहर में जल भराव लोगों की जान पर भारी पड़ रहा है। पानी निकासी के लिए स्थानीय विधायक आफताब अहमद से लेकर शहर के लोगों ने संतरी से लेकर मुख्यमंत्री तक मांग की, लेकिन आज भी शहर में जगह – जगह पानी भरा हुआ है। अगर ट्रांसफार्मर के समीप पानी नहीं भरा होता तो शायद आज बिजली विभाग का लाइनमैन वीरेंद्र यादव जिंदा होता। इस मौत के लिए सिस्टम कसूरवार ठहराया जा रहा है।