पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट चंडीगढ़ के निर्देशानुसार ग्राम न्यायालय एक्ट-2008 के तहत गांव मोहना में ग्राम न्यायालय स्थापित की जा रही है। इसका उद्घाटन संदीप गर्ग जिला एवं सत्र न्यायधीश द्वारा 24 सितंबर को किया जाएगा। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण फरीदाबाद रितु यादव ने बताया कि यह ग्राम न्यायालय प्रत्येक बुधवार को लगा करेगी। जिसमें न्यायिक अधिकारी फरीदाबाद सेशन डिवीजन से नियुक्त किए जा चुके हैं। इसमें मोहना तहसील क्षेत्र के आसपास के गांव जोकि 12 किलोमीटर के दायरे में आते हो। जैसे गांव अटाली, शाहजहांपुर, अरुआ, नरियाला, नारहावली, महमदपुर, हीरापुर, मौजपुर, फजुपुर, पैनहेरा खुर्द और कलां, अटेरणा चांदपुर, दयालपुर इत्यादि गांव सम्मिलित होंगे।
इन गांवों के मुकदमों का इस ग्राम न्यायालय द्वारा घर के द्वार पर ही निस्तारण किया जाएगा। ताकि लोगों को अपने गांव में शीघ्र न्याय मिल सके। इस ग्राम न्यायालय में दीवानी, रिकवरी पेमेंट ऑफ वेजिस एक्ट, मिनिमम वेजिस एक्ट, क्रिमिनल केस, डोमेस्टिक वायलेंस, वह क्रिमिनल केस जिसकी सजा 2 साल तक की हो, चोरी से संबंधित अंडर सेक्शन 379, 380, 381, 411, 414, 454, 456, 504, 506 आईपीसी आदि के केस इस ग्राम न्यायालय में रखे जाएंगे। इस ग्राम न्यायालय का मुख्य उद्देश्य यह है कि लोगों को उनके गांव में ही ग्राम न्यायालय लगाकर उनके मुकदमों का जल्दी से जल्दी फैसला करना है, ताकि लोगों को शीघ्र से शीघ्र न्याय मिल सके और हमारे देश का कोई भी व्यक्ति इस न्याय के अधिकार से वंचित न रह सके।
उपरोक गांवों से संबंधित केसों की लिस्ट जिला कोर्ट फरीदाबाद के भूतल पर स्थित नोटिस बोर्ड पर तथा एक लिस्ट जिला बार एसोसिएशन के ऑफिस में भेजी जा चुकी है। यदि किसी भी व्यक्ति को अपने केसों से संबंधित पूरी जानकारी नहीं मिली है तो वह ई कोर्ट ऐप पर जाकर चेक कर सकता है और अपने केस की पैरवी कर सकता है। सचिव रितु यादव ने बताया कि ग्राम न्यायालय की स्थापना का उद्देश्य ग्रामीणों को गांव के नजदीक जल्दी और सुलभ न्याय उपलब्ध कराना है। अब ग्रामीणों को जिला मुख्यालय तक बार-बार जाने की जरूरत नहीं होगी। मुकदमों का शीघ्र निस्तारण होगा ओर हर नागरिक अपने न्याय के अधिकार का आसानी से लाभ उठा सकेगा। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि इससे गांव का महत्व बढ़ जाएगा।
गांव निवासी ओमी का कहना है कि हमारे गांव में ग्राम न्यायालय बनाया गया है, यह एक अच्छी योजना है। कोर्ट के शुरू होने से गांव का महत्व बढ़ेगा। आस-पास के लोगों को भी रोजगार मिलेगा। वकील बैठेंगे तो उनके लिए टाइपिस्ट, स्टांप पेपर विक्रेता भी बैठेंगे। जबकि दयालपुर गांव निवासी दीपक का कहना है कि हमारा गांव मोहना के नजदीक पड़ता है। बाइक से मोहना आने-जाने में मुश्किल से 15 से 20 मिनट का समय लगेगा। वह भी बुधवार को सप्ताह में एक दिन कोर्ट लगेगी। यह न्याय आसान होगा। कोर्ट के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।