यहां न्यू गुरुग्राम में सेक्टर-82 स्थित क्लब पार्क में श्रीरामचरितमानस सेवा ट्रस्ट की ओर से की जा रही रामलीला में केवट मिलाप, दशरथ प्राण त्याग व भरत मिलाप की लीला का भव्यता से मंचन किया गया। ट्रस्ट के प्रधान रविंद्र भारद्वाज ने बताया कि रामलीला में मुख्य अतिथि समाजसेवी इंदरपाल, हिम्मत यादव और अमित यादव पहुंचे। रामलीला में केवट मिलाप के दौरान भगवान श्रीराम, सीता माता और लक्ष्मण जी के वन गमन के समय निषादराज केवट का प्रभु से भक्ति-भावपूर्ण मिलन दर्शाया गया। केवट का संवाद-प्रभु के चरण धोकर अपने जीवन का परम धन्य समझा…।
इस संवाद ने पूरे वातावरण को भावविभोर कर दिया। दर्शकों ने इस प्रसंग के माध्यम से निष्काम भक्ति, प्रेम और समर्पण का दिव्य संदेश पाया। दशरथ प्राण त्याग की लीला भी भावुक कर गई। मंचन में यह मार्मिक दृश्य प्रस्तुत किया गया कि कैसे उन्होंने अपने प्राणों से भी बढकर धर्म और वचन की मर्यादा निभाई। दर्शकगण इस दृश्य को देखकर भावुक हो उठे और महाराज दशरथ के त्याग और सत्यनिष्ठा का गहन अनुभव किया। भरत मिलाप भी रामलीला का सबसे हृदयस्पर्शी प्रसंग रहा। भरत जी का अयोध्या लौटकर प्रभु श्रीराम से मिलन का दृश्य दर्शाया गया, जिसमें भ्रातृ प्रेम, त्याग और भक्ति का अनुपम दर्शन हुआ। इस प्रसंग ने यह सन्देश दिया कि सच्चा प्रेम और निष्ठा परिवार और समाज दोनों को जोडऩे का कार्य करते हैं।
रामलीला में गूंजे जय श्रीराम के उद्घोष : इन प्रसंगों के मंचन के दौरान उपस्थित श्रद्धालु भाव-विह्वल हो उठे। वातावरण में जय श्रीराम और सीता रामके गगनभेदी उद्घोष गूंजते रहे। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक सभी ने इस लीला का आनंद उठाया। श्री रामचरितमानस सेवा ट्रस्ट के प्रधान रविंद्र भारद्वाज व अन्य पदाधिकारियों ने बताया कि इस रामलीला मंचन का उद्देश्य समाज में धर्म, संस्कृति, भक्ति और पारिवारिक मूल्यों का प्रचार-प्रसार करना है। ट्रस्ट ने सभी श्रद्धालुओं से आगामी दिनों में भी उपस्थित होकर इन दिव्य लीलाओं का लाभ उठाने का आग्रह किया। मंचन में आकर्षक वेशभूषा और संवादों के माध्यम से प्रसंगों को जीवंत किया गया। सुरक्षा के लिए सिक्योरिटी गार्ड और श्रीरामचरितमानस सेवा ट्रस्ट के अनुरोध पर फोर्टिस हॉस्पिटल मानेसर की ओर से रामलीला मंचन की अवधि मेंएक एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई है।