निर्वाचन आयोग पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान फर्जी या मृत मतदाताओं के नाम शामिल होने से रोकने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित सत्यापन प्रणाली शुरू करने की तैयारी में है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। मतदाता डेटाबेस में तस्वीरों में चेहरे की समानता का विश्लेषण करके AI प्रणाली कई स्थानों पर पंजीकृत व्यक्तियों की पहचान करने में मदद करेगी।
अधिकारी ने PTI-भाषा को बताया, मतदाताओं की तस्वीरों विशेषकर प्रवासी श्रमिकों की तस्वीरों के दुरुपयोग के संबंध में शिकायतों की संख्या में वृद्धि के कारण हम AI की मदद ले रहे हैं। उन्होंने कहा, AI से चेहरे की मिलान प्रौद्योगिकी का उपयोग उन मामलों का पता लगाने के लिए किया जाएगा, जहां एक ही मतदाता की तस्वीर मतदाता सूची में कई स्थानों पर दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि यह उपाय महत्वपूर्ण हो गया है क्योंकि ऐसी शिकायतें बढ़ रही हैं कि मतदाता पंजीकरण के दौरान प्रवासी श्रमिकों की तस्वीरों का दुरुपयोग किया जा रहा है।
हालांकि, अधिकारी ने कहा कि बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) सत्यापन प्रक्रिया में केंद्रीय भूमिका निभाते रहेंगे। उन्होंने कहा, AI सत्यापन में सहायता करेगा। लेकिन प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल के बावजूद बीएलओ की भूमिका महत्वपूर्ण बनी रहेगी। उन्हें घर-घर जाकर मतदाताओं की तस्वीरें लेनी होंगी। उन्होंने कहा, यदि गणना और फॉर्म भरने के बाद कोई फर्जी या मृत मतदाता पाया जाता है, तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित मतदान केंद्र के बीएलओ की होगी।