वरिष्ठ अभिनेत्री सायरा बानो ने सोमवार को फिल्म आदमी और इंसान के अपने सह-कलाकार को याद करते हुए कहा कि धर्मेंद्र और दिलीप कुमार भाइयों की तरह थे, जिन्हें बैडमिंटन खेलना पसंद था और वे खाने के बेहद शौकीन थे। धर्मेंद्र और दिलीप कुमार ने दो मौकों पर साथ काम किया – पहली बार धर्मेंद्र की एकमात्र बंगाली फिल्म पारी (1966) में और दूसरी बार 1972 में बनी इसकी रीमेक अनोखा मिलन में। दोनों ही फिल्मों में दिलीप कुमार ने छोटी -छोटी भूमिकाएं निभाईं।
धर्मेंद्र अक्सर कहते थे कि उन्हें दिलीप कुमार की 1948 की फिल्म शहीद से अभिनेता बनने की प्रेरणा मिली।
दिवंगत अभिनेता दिलीप कुमार की पत्नी सायरा बानो ने कहा कि धर्मेंद्र को वे दोनों अपना परिवार मानते थे।
बानो ने पीटीआई-भाषा को बताया, यह सबसे दुखद दिन है क्योंकि वह परिवार का हिस्सा थे। मैं सदमे में हूं। मैंने सोचा था कि हम उनका जन्मदिन मनाएंगे।
उन्होंने कहा, दिलीप साहब धर्मेंद्र को छोटे भाई जैसा मानते थे। उनके बीच काम से कहीं बढ़कर रिश्ता था। हम अच्छे और बुरे समय में एक-दूसरे के साथ रहे हैं। वह उन चुनिंदा लोगों में से एक थे जो दिलीप साहब से अक्सर मिलने आते थे, चाहे वह अस्पताल में हों या घर पर। बानो याद करती हैं कि धर्मेंद्र और दिलीप कुमार दोनों ही खाने के बेहद शौकीन थे।
उन्होंने कहा, जब भी धरम जी हमसे मिलने घर आते थे, उनके लिए खास बिरयानी बनाई जाती थी। उन्हें बिरयानी इतनी पसंद थी कि वह उसे घर भी ले जाते थे। ऐसा रिश्ता था कि वह कई बार तो यूं भी कह देते थे, अपनी खास बिरयानी मेरे घर भेज दीजिएगा। बानो ने बताया कि सिनेमा के दोनों सितारे, जब भी समय मिलता, बैडमिंटन भी खेलते थे।