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संसद में नया डेटा संरक्षण विधेयक पारित, अब डेटा चुराना होगा बड़ा अपराध

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डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल 2025 को दोनों सदनों से मंजूरी, कंपनियों पर भारी जुर्माना लगेगा

भारत सरकार ने व्यक्तिगत डिजिटल डेटा की सुरक्षा को लेकर ऐतिहासिक कदम उठाते हुए ‘डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल 2025’ को संसद में पारित कर दिया है। इस विधेयक को लोकसभा और राज्यसभा दोनों में भारी बहुमत से मंजूरी मिली, जिससे यह अब कानून बन गया है।

इस नए कानून के तहत अब कोई भी कंपनी या संस्था यदि किसी व्यक्ति का व्यक्तिगत डेटा बिना अनुमति के संग्रहित, साझा या उपयोग करती है, तो उस पर ₹250 करोड़ तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

कानून में यह स्पष्ट किया गया है कि प्रत्येक नागरिक को अपने डेटा पर पूरा अधिकार होगा। वे यह तय कर सकेंगे कि कौन-सी संस्था उनके डेटा को उपयोग करे और किस उद्देश्य से।

आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, “यह कानून नागरिकों की निजता को प्राथमिकता देता है और डेटा सुरक्षा के लिए एक ठोस फ्रेमवर्क तैयार करता है। यह देश को डिजिटल शक्ति बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।”

हालांकि, विपक्षी दलों ने सरकार पर ‘डेटा निगरानी’ का खतरा बढ़ाने का आरोप लगाया और कहा कि इस कानून के कुछ प्रावधान नागरिकों की स्वतंत्रता के खिलाफ हो सकते हैं।

इस विधेयक से Facebook, Google, Amazon और अन्य डिजिटल कंपनियों की कार्यप्रणाली पर सीधा प्रभाव पड़ेगा। इन्हें अब भारत में ऑपरेट करने के लिए स्पष्ट सहमति और पारदर्शिता दिखानी होगी।

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