केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि तेजस्वी का पूरा जीवन सुविधाओं और आराम में बीता है, जबकि बिहार की राजनीति को समझने के लिए संघर्ष और मिट्टी की खुशबू का अनुभव जरूरी होता है। केंद्रीय मंत्री ने पटना में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि तेजस्वी के पास न जीवन का वास्तविक अनुभव है, न वह संवेदना, जो जनता की नब्ज समझने के लिए आवश्यक होती है। उन्होंने शिवानंद तिवारी के बयान का हवाला देते हुए आरोप लगाया, जब उनके अपने ही नेता कह रहे हैं कि उनकी आंखों पर पट्टी बंधी है तो इसका मतलब साफ है कि उनमें न विवेक है और न दूरदृष्टि।
राय ने तेजस्वी यादव पर परिवारवाद और तुष्टिकरण की राजनीति करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, तेजस्वी की राजनीति जनता की आकांक्षाओं से नहीं बल्कि अपने परिवार के राजनीतिक विस्तार से संचालित होती है। उन्होंने दावा किया कि तेजस्वी की परवरिश ऐसे माहौल में हुई, जहां राजनीति का उद्देश्य जनसेवा नहीं, बल्कि परिवार के हित और आर्थिक संपन्नता से जुड़ा रहा है। इससे पहले राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी ने तेजस्वी यादव की राजनीतिक समझ पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि तेजस्वी यादव वास्तविक परिस्थितियों को समझने में असमर्थ हैं और उनकी आंखों पर पट्टी बांध दी गई है।
इस टिप्पणी ने बिहार की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है।