
चमोली और रुद्रप्रयाग जिलों में सबसे ज़्यादा नुकसान, राहत कार्य जारी
उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश और बादल फटने की घटनाओं ने तबाही मचा दी है। खासकर चमोली, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी जिलों में नदियों का जलस्तर खतरनाक रूप से बढ़ गया है, और सड़कों के टूटने से कई गांव पूरी तरह से कट गए हैं।
अब तक 18 लोगों की मौत और 30 से अधिक के लापता होने की पुष्टि हो चुकी है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर राहत-बचाव कार्य में जुटी हैं।
चमोली के जिला अधिकारी ने बताया, “लगभग 12 गांवों का संपर्क कट गया है। हेलीकॉप्टर से राहत सामग्री भेजी जा रही है और अस्थायी शिविर बनाए गए हैं।”
राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नुकसान का जायज़ा लेने के लिए हवाई सर्वेक्षण किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से राहत सहायता की मांग की। केंद्र सरकार ने तत्काल ₹250 करोड़ की मदद का ऐलान किया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन और अनियोजित विकास पहाड़ी क्षेत्रों में आपदाओं को बढ़ावा दे रहे हैं।