
पूर्व DGP और रिटायर्ड जजों की देखरेख में होगी जांच, कहा – “राज्य मशीनरी पूरी तरह विफल रही”
पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में पिछले 3 महीने से जारी जातीय हिंसा को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए केंद्र और राज्य सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने आदेश दिया है कि एक स्वतंत्र जांच आयोग का गठन किया जाए जिसमें सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज, एक महिला जज और पूर्व DGP शामिल होंगे।
मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ की पीठ ने कहा, “राज्य मशीनरी पूरी तरह से असफल रही है। महिलाओं के साथ हुई भयावह घटनाओं पर सरकार की चुप्पी शर्मनाक है।”
अब तक मणिपुर में 170 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और करीब 60,000 लोग बेघर हुए हैं। महिलाओं पर हिंसा और नग्न परेड जैसी घटनाओं ने पूरे देश को हिला दिया।
सरकार ने मामले की गंभीरता को समझते हुए CBI को जांच सौंपी है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसे पर्याप्त नहीं मानते हुए स्वतंत्र निगरानी की जरूरत बताई।