नगर निगम की ओर से शहर में महिलाओं के लिए पिंक शौचालय की घोषणा कई बार हो चुकी है। लेकिन अभी तक इस ओर काम शुरू नहीं किया गया है। जबकि शहर की बाजार में खरीदारी के लिए सबसे अधिक अधिक महिलाएं ही पहुंचती हैं। लेकिन उन्हें सबसे अधिक समस्या शौचालयों के अभाव से हो रही है। सार्वजनिक स्थानों पर शौचालयों का अभाव शहरों और कस्बों की एक बड़ी समस्या बन चुकी है। हालांकि बीते कुछ समय से इस दिशा में कुछ काम हुआ है। लेकिन किसी भी बाजार में मौजूदा समय में न तो महिलाओं के लिए अलग से पब्लिक टॉयलेट की कोई सुविधा है और न ही महिलाओं के लिए पिंक शौचालय बना हुआ है।
मौजूदा शौचालयों की हालत खराब: पूरे शहर में करीब 150 पुरुष शौचालय हैं, लेकिन सभी की हालत खराब है। नगर निगम के ही सर्वे में ज्यादातर शौचालयों की हालत बेहद खराब पाई गई थी। शौचालयों की सीटें भी जर्जर हालत में हैं और पानी की भी उचित व्यवस्था नहीं है। निगमायुक्त ने बैठक में अधिकारियों के सामने खराब हालत को लेकर नाराजगी भी जताई थी। इसके बाद सार्वजनिक शौचालयों का प्रस्ताव बनाने के आदेश दिए गए हैं। शहर के बड़े बाजारों में सार्वजनिक शौचालयों की हालत बेहद खराब है। NIT 1 नंबर मार्केट में लगभग 5000 दुकानें हैं। रोजाना 15 से 20 हजार लोग खरीदारी के लिए बाजार आते हैं। इन खरीदारों में 70 % महिलाएं होती हैं।
लेकिन इतने बड़े बाजार में महिलाओं के लिए एक भी शौचालय नहीं है। इसके साथ ही, NIT के 500 मार्केट में 2000 से ज़्यादा दुकानें हैं। इस बाजार में 10 हजार से ज़्यादा लोग खरीदारी के लिए आते हैं। इस बाज़ार में महिलाओं के लिए शौचालय भी नहीं हैं। ओल्ड फरीदाबाद मार्केट में लगभग 1500 दुकानें हैं। औसतन यहां रोज़ाना लगभग 10 से 12 हज़ार ग्राहक आते हैं। इतने बड़े बाज़ार में महिलाओं के लिए एक भी शौचालय नहीं है। सेक्टर 7-10 के बाजार का भी यही हाल है। शौचालयों की स्थिति को लेकर स्वच्छता सर्वेक्षण में निगम को 33 % अंक मिले थे।
यानी निगम बमुश्किल पास हुआ था। नगर निगम और स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा पूरे शहर में 2 करोड़ की लागत से 10 शौचालय बनाए गए थे। ये सभी शौचालय जर्जर हालत में हैं। महिलाओं ने पिंक शौचालय बनवाने की नगर निगम से मांग की है। यह है योजना: निगम प्रत्येक डिविजन जोन में 5 से 6 सीटर आधुनिक पिंक शौचालयों का निर्माण करेगा। इन शौचालयों को इस प्रकार डिजाइन किया जाएगा कि यह स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक हों। महिलाओं के लिए उपयोगी सेवाएं प्रदान कर सकें। यह कार्य स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के तहत किया जा रहा है। इससे शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सार्वजनिक सुविधाओं की कमी दूर होगी और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध होगा।