राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) ने गुरुग्राम, फरीदाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा को जोड़ने वाले बहुप्रतीक्षित नमो भारत कॉरिडोर का डीपीआर तैयार कर लिया है। यह प्रोजेक्ट न केवल एनसीआर के यात्रियों के लिए सफर का समय घटाएगा, बल्कि दिल्ली-एनसीआर की ट्रैफिक समस्या का बड़ा समाधान बनकर उभरेगा। करीब 15,745 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला यह कॉरिडोर देश का पहला सेमी हाई-स्पीड रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम होगा, जो भविष्य के शहरी परिवहन की तस्वीर बदल देगा। यह कॉरिडोर 2031 तक पूरा होने पर न केवल समय और ऊर्जा बचाएगा, बल्कि शहर की प्रगति का नया अध्याय लिखेगा।
फरीदाबाद शहर को इस प्रोजेक्ट से बड़ा लाभ मिलने वाला है। डीपीआर के अनुसार, फरीदाबाद में 2 अहम स्टेशन -बाटा चौक और सेक्टर 85-86 प्रस्तावित हैं। दोनों लोकेशन शहर के भीड़-भाड़ वाले हिस्सों और नए रिहायशी इलाकों के बीच स्थित हैं, जिससे पुराने और नए फरीदाबाद दोनों को कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा। बाटा चौक स्टेशन पुराने फरीदाबाद, औद्योगिक इकाइयों और दिल्ली की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए बेहद लाभकारी होगा। सेक्टर 85-86 स्टेशन नये विकसित सेक्टरों, ग्रेटर फरीदाबाद, बाईपास रोड और आवासीय टाउनशिप में रहने वाली लाखों की आबादी को तेज व सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराएगा।
फरीदाबाद में इन 2 स्टेशनों के निर्माण के बाद दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा और ग्रेटर नोएडा के लिए सुगम कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी, जिससे शहर में निवेश और रोजगार के अवसरों में भी तेजी आने की संभावना है।
समय और ऊर्जा दोनों की बचत वर्तमान में फरीदाबाद से गुरुग्राम पहुंचने में 45 मिनट से लेकर 1 घंटे का समय लगता है, जबकि गुरुग्राम से नोएडा/ग्रेटर नोएडा जाने में 90 मिनट से 2 घंटे तक लग जाते हैं। सड़क मार्ग पर बढ़ते ट्रैफिक, जाम और प्रदूषण की समस्या पहले ही एनसीआर के लोगों को परेशान कर रही है। ऐसे में नमो भारत कॉरिडोर का आगमन एक बड़ी राहत देने वाला है। डीपीआर में जिन स्थानों को स्टेशन के लिए तय किया गया है, वे सभी क्षेत्रों में गतिशील आबादी, ऑफिस कॉरिडोर और औद्योगिक इलाकों के नजदीक हैं।