
DRDO की उपलब्धि, अब चीन और अमेरिका को कड़ी टक्कर देने की तैयारी:
रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने भारत में पहली बार पूरी तरह से स्वदेशी हाइपरसोनिक मिसाइल सिस्टम का सफल परीक्षण किया है। यह मिसाइल 5 मैक से अधिक की गति से उड़ान भर सकती है और किसी भी लक्ष्य को 1,500 किलोमीटर तक नष्ट कर सकती है।
DRDO के वैज्ञानिकों के अनुसार, यह तकनीक अत्यंत जटिल और उन्नत है जिसे अब तक केवल अमेरिका, रूस और चीन ही विकसित कर पाए थे। भारत का यह सिस्टम भविष्य में ‘Hypersonic Glide Vehicle’ प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में गेम चेंजर साबित हो सकता है।
इस परीक्षण को ओडिशा के बालासोर तट से लॉन्च किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने DRDO को बधाई देते हुए कहा कि यह भारत की रक्षा क्षमताओं को नई ऊंचाई देगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह प्रणाली आने वाले वर्षों में भारतीय वायुसेना और नौसेना के बेड़े में शामिल की जाएगी, जिससे देश की सामरिक क्षमता में भारी वृद्धि होगी।