
केजरीवाल सरकार का आरोप – ‘LG संविधान का उल्लंघन कर रहे हैं’
दिल्ली की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना के बीच अधिकारों को लेकर नया विवाद सामने आया है। इस बार मामला कुछ वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के तबादलों को लेकर है, जिसे LG ने खारिज कर दिया।
आप सरकार ने LG के इस फैसले को ‘गैर-संवैधानिक’ बताया है और कहा है कि वह सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना कर रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी बयान में कहा गया, “LG का काम सलाह देना है, लेकिन वह कार्यपालिका के निर्णयों में हस्तक्षेप कर रहे हैं।”
LG हाउस का पक्ष है कि दिल्ली सरकार के पास केवल ट्रांसफर और पोस्टिंग का आंशिक अधिकार है और इसमें केंद्र की मंजूरी ज़रूरी है। यह तर्क केंद्र सरकार की 2021 की अधिसूचना पर आधारित है जिसमें दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा नहीं माना गया है।
सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ ने पहले इस मामले में स्पष्ट किया था कि ‘चुनी हुई सरकार को प्रशासनिक अधिकार मिलने चाहिए’, लेकिन उसके बाद केंद्र ने अध्यादेश लाकर ट्रांसफर-पोस्टिंग पर नियंत्रण ले लिया।
यह विवाद न केवल दिल्ली की प्रशासनिक कार्यप्रणाली को प्रभावित कर रहा है, बल्कि आप पार्टी इसे ‘लोकतंत्र बनाम तानाशाही’ की लड़ाई के रूप में पेश कर रही है। राजनीतिक रूप से यह मुद्दा आप को राष्ट्रीय स्तर पर विपक्ष की भूमिका निभाने में मदद कर रहा है।