शहर के गीता भवन चौक पर आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने उन्नाव मामले के दोषी पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा सशर्त जमानत दिए जाने के फैसले के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार विरोधी नारे लगाए और भाजपा का
पुतला दहन कर अपना आक्रोश प्रकट किया। प्रदर्शन के दौरान आम आदमी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी लगातार अपने नेताओं को संरक्षण दे रही है, चाहे उन्होंने कितना ही घिनौना और अमानवीय अपराध क्यों न किया हो। कार्यकर्ताओं का कहना था कि उन्नाव मामला जैसा जघन्य अपराध पूरे देश को झकझोर देने वाला है और ऐसे मामले में दोषी को किसी भी तरह की राहत देना न्याय व्यवस्था और पीड़िता दोनों के साथ अन्याय है।
आम आदमी पार्टी के नेता विमल किशोर ने कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा पूर्व भाजपा विधायक को सशर्त जमानत दिया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यह फैसला साफ तौर पर यह दर्शाता है कि भारतीय जनता पार्टी की नीति और नीयत दोनों दोगली हैं। एक ओर भाजपा महिला सुरक्षा की बात करती है, वहीं दूसरी ओर अपने ही नेताओं को बचाने के लिए हर संभव प्रयास करती नजर आती है। विमल किशोर ने कहा कि उन्नाव मामले में पीड़िता और उसके परिवार ने लगातार संघर्ष किया है। इसके बावजूद दोषी को राहत मिलना न केवल पीड़िता के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है, बल्कि समाज में गलत संदेश भी देता है। उन्होंने मांग की कि पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को जमानत नहीं, बल्कि फांसी की सजा दी जानी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति इस तरह का अपराध करने से पहले सौ बार सोचे।
उन्होंने यह भी कहा कि पीड़िता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। सरकार को चाहिए कि पीड़िता और उसके परिवार को पूर्ण सुरक्षा मुहैया कराई जाए, ताकि वे बिना किसी भय के अपना जीवन जी सकें। इस दौरान सरोज बाला राठी, राजेश सरोहा, विकास दहिया, अमर दत्त भारद्वाज, वंश आर्य, शेर मोहम्मद, योगेश पाल, सुनील, अजय टोंक, अशोक प्रधान, विनोद शर्मा, सतीश, आनंद, सोनू, विजय सेतिया एवं ललित कुमार आदि कार्यकर्त्ता मौजूद थे।