विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने शनिवार को हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला स्थित एक सरकारी कॉलेज में रैगिंग के आरोपों के बाद एक छात्रा की मौत की जांच के आदेश दिए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। UGC ने घटना की जांच के लिए एक तथ्यान्वेषण समिति का गठन किया है। यूजीसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, यूजीसी ने धर्मशाला के सरकारी डिग्री कॉलेज में एक छात्रा की मौत पर गंभीर संज्ञान लिया है। यूजीसी की एंटी-रैगिंग हेल्पलाइन ने मीडिया में प्रकाशित खबरों के आधार पर स्वत: संज्ञान लिया, जिनमें रैगिंग के कारण आत्महत्या के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, कॉलेज प्रशासन का कहना है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि मौत का मामला है।
पुलिस मामले की जांच कर रही है और यूजीसी ने घटना की जांच के लिए एक तथ्यान्वेष समिति का गठन किया है। UGC आश्वासन देता है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वाेपरि है। पुलिस के अनुसार, कॉलेज की 3 छात्राओं पर रैगिंग और जानबूझकर चोट पहुंचाने का मामला दर्ज किया गया है जबकि एक प्रोफेसर के खिलाफ 19 वर्षीय युवती के यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज किया गया है।
छात्रा ने 26 दिसंबर को लुधियाना के एक अस्पताल में दम तोड़ दिया था। छात्रा के पिता की शिकायत के बाद 1 जनवरी को मामला दर्ज किया गया था। मृतका के पिता ने शिकायत में आरोप लगाया कि 18 सितंबर, 2025 को उनकी बेटी को 3 वरिष्ठ छात्राओं हर्षिता, आकृति और कोमोलिका ने पीटा था जबकि कॉलेज के प्रोफेसर अशोक कुमार ने उससे अश्लील हरकतें की थीं। शिकायत में आरोप लगाया गया कि मारपीट व उत्पीड़न के बाद छात्रा को अस्पताल में भर्ती कराया गया था और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतका के पिता ने आरोप लगाया कि इन घटनाओं के बाद उनकी बेटी गंभीर मानसिक तनाव और डर के साए में जी रही थी, जिससे उसकी हालत बहुत तेजी से बिगड़ी।