मणिपुर के चुराचांदपुर जिले में संदिग्ध कुकी उग्रवादियों द्वारा अगवा किए गए मेइती समुदाय के एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने बताया कि मायांगलांबम ऋषिकांत सिंह का बुधवार को तुइबोंग इलाके में स्थित उनके घर से अपहरण कर लिया गया और नटजांग गांव के पास गोली मारकर उनकी हत्या कर दी गई। अपहरणकर्ताओं के यूनाइटेड कुकी नेशनल आर्मी के सदस्य होने का संदेह है। इस संगठन ने सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशन्स (एसओओ) पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। केंद्र सरकार, मणिपुर सरकार और दर्जनों कुकी-ज़ो उग्रवादी समूहों के बीच एसओओ समझौता हुआ है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार काकचिंग जिले के काकचिंग खुनौ निवासी सिंह का विवाह चुराचांदपुर की चिंगनु हाओकिप से हुआ था और उन्होंने आदिवासी नाम गिनमिनथांग रख लिया था। वह 19 जनवरी को नेपाल से चुराचंदपुर लौटे थे।
उन्होंने बताया कि कुछ स्थानीय समूहों ने उन्हें अपनी पत्नी, जो कुकी जनजाति से हैं, के साथ रहने की अनुमति दी थी। मई 2023 में हिंसा भड़कने के बाद से कुकी और मेइती समुदाय के लोग एक-दूसरे के इलाकों में जाने से कतराते हैं, जिससे राज्य जातीय आधार पर बुरी तरह विभाजित हो गया है। इस संघर्ष में 260 से अधिक लोग मारे गए हैं और हजारों लोग बेघर हो गए हैं। पुलिस ने बताया कि उग्रवादियों ने पीड़ित और उसकी पत्नी दोनों को अगवा किया और उन्हें हेंगलेप पुलिस थाना क्षेत्र के नटजांग की ओर ले गए। आशंका है कि वहीं उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई।
पुलिस ने बताया कि पत्नी को बाद में रिहा कर दिया गया। इस भयावह घटना का एक कथित वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर आया है जिसमें सिंह को हथियारबंद लोगों के सामने हाथ जोड़कर अपनी जान की भीख मांगते हुए दिखाया गया है। पुलिस ने बताया कि सूचना मिलने के बाद उन्होंने नटजांग गांव से शव बरामद किया। शव को रात करीब।:30 बजे जिला अस्पताल के मुर्दाघर में लाया गया। पुलिस ने बताया कि स्वत: संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज कर लिया गया है और इसमें शामिल लोगों को पकड़ने के प्रयास जारी हैं।