मध्य प्रदेश के इंदौर जिले की महू तहसील में दूषित पेयजल पीने से कम से कम नौ लोग बीमार पड़ गए हैं। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार रात को पट्टी बाजार और चंदर मार्ग इलाकों से जलजनित बीमारियों के मामले सामने आए। एक अधिकारी ने बताया कि इंदौर के जिलाधिकारी शिवम वर्मा देर रात महू पहुंचे और उन्होंने एक अस्पताल में इलाज करा रहे मरीजों से मुलाकात की तथा प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों से बात की। उन्होंने बताया कि नौ मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है जबकि कुछ अन्य घर पर ही स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
अधिकारी ने बताया कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. माधव हसनी के निर्देशानुसार स्वास्थ्य विभाग के कर्मी शुक्रवार सुबह से ही घटनास्थल पर मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि इंदौर मेडिकल कॉलेज की एक टीम और अन्य विशेषज्ञ चिकित्सकों को भी घटनास्थल पर भेजा जा रहा है। महू की विधायक उषा ठाकुर ने भी अस्पताल का दौरा किया और प्रभावित लोगों से मुलाकात की। जिलाधिकारी वर्मा ने स्वास्थ्य विभाग को सभी मरीजों के लिए उचित और प्रभावी उपचार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है और महू छावनी बोर्ड को क्षेत्र में पानी की गुणवत्ता की जांच करने एवं स्वच्छता बनाए रखने का निर्देश दिया है।
वर्मा ने कहा कि सरकार स्थिति पर बारीकी से नजर रख रही है।
उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों का सर्वेक्षण किया जाएगा, कोई भी लक्षण नजर आने पर पीड़ितों का उचित उपचार किया जाएगा तथा गंभीर रोगियों को अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि फिलहाल कोई भी मरीज गंभीर हालत में नहीं है और उनमें से कुछ को आज दिन में छुट्टी दे दी जाएगी। पिछले महीने इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में पानी के दूषित होने से कई लोग बीमार पड़ गए थे और 7 लोगों के मरने की सूचना मिली थी। हालांकि, इलाके के निवासियों का दावा है कि इस बीमारी के प्रकोप से अब तक 25 लोगों की मौत हो चुकी है, लेकिन मध्य प्रदेश सरकार द्वारा 15 जनवरी को उच्च न्यायालय में प्रस्तुत की गई स्थिति रिपोर्ट में 5 महीने के एक शिशु समेत सात लोगों के मरने का उल्लेख किया गया है।