मार्केट कमेटी प्रशासन अनाज मंडी के लिए नये स्थान की तलाश में जुटा। करीब 20 एक एकड़ जमीन पर बनेगी नई अनाज मंडी। प्रदेश मुख्यमंत्री ने भी मार्केट कमेटी को अनाज मंडी के लिए जमीन तलाशने के आदेश दे दिए है। स्थानीय अनाज मंडी परिसर करीब साढ़े 13 एकड़ जमीन पर स्थापित है। लेकिन अनाज मंडी में बढ़ता अतिक्रमण और अवैध कब्जों के कारण इसका खुला परिसर कम होता जा रहा है। जिसके कारण किसानों को फसल बिक्री के दौरान काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सरकार द्वारा खरीदी गई फसल का समय पर उठान न होने से किसानों को अपने अनाज की ढेरियां मंडी के आम रास्तों पर लगानी पड़ती हैं, जिससे लोगों को पैदल निकलने तक का रास्ता नहीं मिल पाता। स्थानीय अनाज मंडी को शहर के आबादी क्षेत्र से दूर, किसी मुख्य मार्ग से सटी जमीन पर स्थापित करने की मांग पिछले करीब 20 वर्षों से लगातार उठती आ रही है।
पलवल मार्ग पर संभावना:
नई अनाज मंडी को शहर से पलवल जाने वाले मार्ग पर गांव लाखूवास के आसपास स्थापित करने की मांग सबसे ज्यादा उठ रही है, क्योंकि शहर में इसके लिए कोई अन्य उपयुक्त स्थान नजर नहीं आता। पलवल मार्ग पर चारों दिशाओं से किसानों के लिए अपनी फसल लाना आसान रहेगा। वहीं दमदमा, सोहना ढाणी, बेरका और जखोपुर जैसे क्षेत्रों में अधिक भीड़भाड़ होने के कारण किसानों को खुला और व्यवस्थित वातावरण नहीं मिल पाएगा।
प्रदेश मुख्यमंत्री ने की घोषणा:
रविवार को तावडू में प्रदेश मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने महारैली को संबोधित करते हुए मंच से सोहना में नई अनाज मंडी स्थापित करने की घोषणा की थी। सैनी ने कहा कि विधायक तेजपाल तवंर की मांग पर उक्त मांग को पूरा किया जाएगा। मार्केट कमेटी बोर्ड जमीन तलाश कर दे दे। उस पर अनाज मंडी स्थापित करने की मोहर राज्य सरकार लगा देगी।
वर्जन :
मार्केट कमेटी का निर्माण शैल की जिम्मेदारी है। निर्माण शैली के अभियंता को यह जिम्मेदारी सौंपी है। (दिनेश श्योकंद-सचिव मार्केट कमेटी सोहना)