देशभर के टैक्सी ड्राइवरों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार एक नई पहल के जरिए ड्राइवरों को कर्मचारी से मालिक बनाने की दिशा में काम कर रही है। गृह मंत्री अमित शाह ने ‘भारत टैक्सी’ के ड्राइवरों से संवाद करते हुए इस योजना का विजन साझा किया।
उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि मेहनत करने वाले को ही कमाई का असली हक मिले। प्राइवेट टैक्सी कंपनियों में ड्राइवरों की कमाई का बड़ा हिस्सा कट जाता है और भविष्य भी सुरक्षित नहीं रहता। इसी समस्या को देखते हुए भारत टैक्सी मॉडल तैयार किया गया है, जिसमें ड्राइवर खुद मालिक की भूमिका में होंगे। योजना के तहत कमाई का बड़ा हिस्सा सीधे ड्राइवरों को मिलेगा। उदाहरण देते हुए बताया गया कि कुल आय का लगभग 80% ड्राइवरों के खातों में जाएगा, जबकि 20% कंपनी में उनकी पूंजी के रूप में जमा रहेगा। इससे मासिक आय के साथ सालाना मुनाफे में भी हिस्सा मिलेगा।
सरकार ने शुरुआत के3 साल को अहम बताया है। इस दौरान ड्राइवरों को धैर्य रखने की सलाह दी गई है क्योंकि निजी कंपनियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा होगी। शुरुआती समय में ब्रांड और नेटवर्क मजबूत करने पर फोकस रहेगा। लंबी अवधि में इसे देशव्यापी बनाने की तैयारी है। लक्ष्य है कि तीन साल में हर नगर निगम वाले शहर तक भारत टैक्सी की पहुंच हो। सरकार का दावा है कि यह मॉडल ड्राइवरों को आर्थिक रूप से मजबूत करने के साथ देश की सबसे बड़ी टैक्सी सेवा बन सकता है।