फरीदाबाद में अरावली की पहाडिय़ों में बने परसोन मंदिर को वन विभाग की तरफ से नोटिस जारी कर मंदिर परिसर में किए गए अवैध निर्माण को हटाने के लिए 15 दिन का समय दिया है। विभाग की तरफ से मंदिर परिसर में 2 नोटिस चिपकाए गए हैं, जिसको लेकर लोगों में गहरा रोष है। इसी मामले को लेकर हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रवक्ता नितिन सिंगला आज अपने साथियों सहित मंदिर प्रांगण में पहुंचे और इस मामले को लेकर अपना विरोध दर्ज करवाया। इस दौरान सिंगला ने कहा कि परसोन मंदिर न केवल फरीदाबाद बल्कि हरियाणा समेत देशभर के लोगों के लिए आस्था का केंद्र है और यह हमारी वर्षाे पुरानी धार्मिक धरोहर है। भाजपा सरकार पहले ही लोगों के आशियाने उजाडऩे पर तुली है, अब लोगों की आस्था व धर्म के प्रतीक पुराने मंदिरों को भी निशाना बना रही है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह राजनैतिक मुद्दा नहीं है बल्कि धर्म व आस्था से जुड़ा मामला है और हम अपने पूर्वजों व तपस्वियों की इस धरोहर किसी कीमत पर नहीं उजडऩे देंगे।
सिंगला ने कहा कि करीब 200 साल पुराने इस धार्मिक धरोहर में ओल्ड फरीदाबाद के बाढ़ मोहल्ले व अनाज मंडी से ब्राह्मण समाज की छतरियां बनी हुई है, जो यह दर्शाती है कि यह स्थल सभी लोगों के लिए आस्था का केंद्र है, देश का सबसे पुराना शिवालय खुद यहां स्वरुप लेकर प्रकट हुआ है और लाखों-करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है, ऐेसे में सरकार को चाहिए इस पुरानी धार्मिक धरोहर को पर्यटन के रुप में विकसित किया जाए परंतु सरकार लोगों की भावनाओं के विपरीत कार्य कर इसे उजाडऩे की मंशा बना रही है।
उन्होंने कहा कि इससे पूर्व अनंगपुर गांव को तोड़ेे जाने का मामला तूल पकड़ा था, जो भी काफी लम्बी जद्दोजेहद के बाद शांत हुआ। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस धार्मिक स्थल पर किसी तरह की तोडफोड बर्दाश्त नहीं की जाएगी चाहे इसके लिए हमें कोई भी संघर्ष क्यों न करना पड़े। इस मौके पर स्वामी नारायण गिर ने बताया कि अनखीर गांव के पास पहाडिय़ों में बना परसोन मंदिर हजारों साल पुराना है। यहां पराशर ऋषि ने हजार साल तपस्या कर इस जगह को सिद्ध बनाया था। यह भी कहा जाता है कि ऋषि पराशर ने यहां बाण चलाकर अमृत कुंड, हथिया कुंड और ब्रह्मकुंड नामक तीन सरोवर बनाए गए थे।इस मंदिर पर 5 गांवों की मान्यता है। मंदिर महाभारत काल से है। यहां सब पहले से बना हुआ है। जानवरों से सुरक्षा को लेकर बस उन्होंने कुछ दीवारों को खड़ा किया है, बाकी सब पुराना है। इस धार्मिक स्थल पर वन विभाग द्वारा नोटिस चस्पा किया जाना पूरी तरह से धर्मविरोधी कार्रवाई है, जिसकी वह कड़ी निंदा करते है। इस अवसर पर राजू सिंघल, अमित सिंघल, नरेश सिंघल, राजू गुप्ता, सुमित गुप्ता, संदीप सिंघल, अजय गर्ग सहित अनेकों गणमान्य लोग मौजूद थे।