दमदमा जाने वाले मार्ग पर सड़क निर्माण का कार्य कछुआ गति से चल रहा है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस मार्ग पर वाहन रेंग-रेंगकर चलने को मजबूर हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री के आदेश पर सोहना से दमदमा जाने वाले मार्ग पर करीब 5 साल बाद निर्माण कार्य शुरू हो सका है। लेकिन यह कार्य कछुआ गति से चल रहा है। सड़क के दोनों तरफ डाली गई रोड़ियां उखड़ने लगी हैं। सड़क के भरे गए गड्ढों से भी रोड़ियां निकलने लगी हैं। सड़क पर वाहन केवल 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से ही चल पा रहे हैं। ऐसे में जब रोड़ियां वाहनों के टायरों के नीचे दबती हैं तो वे गोली से भी तेज उछलती हैं, जिससे सड़क किनारे बने मकानों, दुकानों और राहगीरों की जान को खतरा बना रहता है।
प्रदूषण को बढ़ावा:
दमदमा मार्ग का निर्माण कार्य धीमा होने के कारण करीब 10 किलोमीटर के दायरे में दिनभर वाहनों के चलने से धूल उड़ती रहती है। इस मार्ग से जुड़े गांव खाईका, लोहटकी, सिरसका, दौला, अभयपुर, दमदमा, खेड़ला और बहलपा आदि से सैकड़ों वाहन रोजाना गुजरते हैं। गांवों की सीमा में सड़क किनारे बनी दुकानों और मकानों में रहने वाले लोगों को धूल के कारण सांस लेने में भी परेशानी हो रही है। धूल के कारण ग्रामीणों में सांस, खांसी और जुकाम जैसी बीमारियों की आशंका भी बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक सड़क निर्माण कार्य पूरा नहीं हो जाता, तब तक ठेकेदार को प्रतिदिन सड़क पर पानी का छिड़काव कराना चाहिए, ताकि प्रदूषण कम हो और लोगों को राहत मिल सके।
वर्जन:
इस संबंध में अधिकारियों का कहना है कि अब मौसम साफ हो गया है और सड़क निर्माण कार्य जल्द ही रफ्तार पकड़ेगा। सड़क का निर्माण कर रही एजेंसी को कार्य जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दे दिए गए हैं। (सुरेन्द्र कुमार-एसडीओ लोक निर्माण विभाग सोहना)