दिल्ली में ब्लास्ट और फरीदाबाद में मिले 2900 किलीो विस्फोटक के तार आपस में जुड़ रहे हैं। दोनों में एक ही बात कॉमन है, वह है फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी। इस यूनिवर्सिटी के डॉक्टर मुजम्मिल को विस्फोटक जमा करने को लेकर गिरफ्तार किया गया है। जबकि, यहां पढ़ाने वाले मोहम्मद उमर नबी ने कार में विस्फोटक के साथ खुद को उड़ा लिया। 12 नवंबर को यूनिवर्सिटी ने पहली बार बयान जारी किया। वाइस चांसलर प्रो. भूपिंदर कौर आनंद ने कहा कि हमारे 2 डॉक्टर (डॉ. मुजम्मिल और डॉ. शाहीन सईद) हिरासत में हैं। उनकी ड्यूटी के अलावा यूनिवर्सिटी का इससे कोई संबंध नहीं है। यूनिवर्सिटी के अंदर किसी भी तरह का केमिकल या विस्फोटक स्टोर नहीं हुआ। हमारी लैब का इस्तेमाल सिर्फ एमबीबीएस स्टूडेंट्स को पढ़ाने और ट्रेनिंग देने के लिए होता है। हर काम कानून के हिसाब से किया जाता है।
बयान में कहा गया, ‘हम इस दुर्भाग्यपूर्ण घटनाक्रम से बेहद दुखी और व्यथित हैं और इसकी निंदा करते हैं। हमारी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं इन दुखद घटनाओं से प्रभावित सभी निर्दोष लोगों के साथ हैं। हमें यह भी पता चला है कि हमारे दो डॉक्टरों को जांच एजेंसियों ने हिरासत में ले लिया है। वाइस चांसलर ने मामले की जांच को लेकर पुलिस का सहयोग करने की बात कही है। साथ ही छात्रों से कैंपस में शांति बनाए रखने की अपील की है। दिल्ली में लाल किला विस्फोट की घटना के बाद जांच के दायरे में आई फरीदाबाद की अल फलाह विश्वविद्यालय ने बुधवार को कहा कि घटना के संबंध में गिरफ्तार किए गए उसके दो चिकित्सकों से उसका केवल पेशेवर संबंध है और वह इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना से दुखी है।
इन चिकित्सकों से दूरी बनाते हुए विश्वविद्यालय ने एक बयान में कहा कि यह जिम्मेदार संस्थान है और देश के साथ एकजुटता से खड़ा है। उन्होंने कहा, हमें यह भी पता चला है कि हमारे दो चिकित्सकों को जांच एजेंसियों ने हिरासत में लिया है। हम यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि विश्वविद्यालय का उक्त व्यक्तियों से कोई संबंध नहीं है, सिवाय इसके कि वे विश्वविद्यालय में आधिकारिक रूप से काम कर रहे हैं। यूनिवर्सिटी के मुताबिक स्पष्ट किया जाता है कि विश्वविद्यालय परिसर में ऐसा कोई रसायन या सामग्री, जिसका आरोप कुछ प्लेटफार्मों द्वारा लगाया जा रहा है, का उपयोग, भंडारण नहीं किया जा रहा है। प्रयोगशाला की प्रत्येक गतिविधि नियामक अधिकारियों द्वारा निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल, वैधानिक मानदंडों और नैतिक मानकों का कड़ाई से पालन करते हुए की जाती है।
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