कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह के नेतृत्व में निकाली जा रही ऐतिहासिक “सद्भाव यात्रा” का आज 132 वां दिन है । आज यात्रा अंबाला सिटी विधानसभा क्षेत्र के जडली पुल से शुरू होकर कल्लूङ्ग चौक, पॉलिटेक्निक चौक, पुराना सिविल हॉस्पिटल चौक, जगाधरी गेट, पटेल रोड पुली, दाल बाजार चौक, सराफा बाजार चौक, कोतवाली सराय, शाइन टेलर रेलवे रोड आर्य समाज मंदिर चौक, हनुमान मंदिर चौक, कपड़ा मार्केट चौक, कांग्रेस भवन, प्रेम मंदिर चौक, शुकुल कुंड चौक, देव समाज मंदिर चौक, अग्रसेन चौक, कोर्ट चौक से होती हुई मानव चौक पहुंची । जहां कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने जोरदार स्वागत किया । इस मौके पर मौजूद लोगों ने कांग्रेस पार्टी में अपनी पूर्ण आस्था और विश्वास जताया । इस यात्रा में समाजसेवी संगठनों ने भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया ।
केंद्र सरकार की विश्वसनीयता पर सवाल
यात्रा के दौरान आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए बृजेंद्र सिंह ने कहा कि पिछले कुछ समय में देश में ऐसी कई बड़ी घटनाएं हुई हैं, जिसने केंद्र सरकार की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर सवालिया निशान उठाते हुए कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि देश के गंभीर मुद्दों पर संसद में मौजूद रहने की बजाय विदेशी दौरों में व्यस्त रहते हैं । लोकतंत्र में सरकार के मुखिया की जिम्मेदारी है कि वह जनता और संसद के प्रति जवाबदेह रहे । बृजेंद्र सिंह ने मीडिया की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि आज का मीडिया आर्थिक हितों के प्रभाव में काम कर रहा है और केवल सरकार का पक्ष दिखाता है। विपक्ष के नेता राहुल गांधी जब विदेश जाते हैं तो उसे बड़ा मुद्दा बनाया जाता है, जबकि प्रधानमंत्री के विदेश दौरों पर उतनी चर्चा नहीं होती।
भारत-अमेरिका संबंध और “51वें राज्य” वाला बयान
बृजेंद्र सिंह ने भारत और अमेरिका के बीच हुई कथित डील को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों से ऐसा प्रतीत होता है कि अमेरिका भारत के साथ एक स्वतंत्र देश जैसा नहीं, बल्कि अपने 51वें राज्य जैसा व्यवहार कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह डील किसानों के हितों के खिलाफ है और देश के डेटा से लेकर आर्थिक नीतियों तक कई महत्वपूर्ण फैसलों में पारदर्शिता नहीं दिखाई गई। भारत के डेटा को विदेशी कंपनियों के लिए खोल दिया गया है और उन्हें लंबे समय तक कर रियायतें दी गई हैं । उनके अनुसार, इस तरह के फैसले देश की आर्थिक संप्रभुता को प्रभावित कर सकते हैं।
ऊर्जा सुरक्षा और रक्षा नीति पर चिंता
उन्होंने देश की ऊर्जा सुरक्षा पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है और ऐसे में किसी एक देश के दबाव में आकर तेल खरीद की नीति तय करना देश के हित में नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका भारत पर रूस से तेल न खरीदने का दबाव बना रहा है और इसके लिए निगरानी व्यवस्था भी बनाई गई है। उनके अनुसार, इससे भारत की स्वतंत्र आर्थिक नीति और ऊर्जा सुरक्षा पर असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि 140 करोड़ की आबादी वाले देश को अपनी जरूरतों के अनुसार फैसले लेने की स्वतंत्रता होनी चाहिए।
संसद, लोकतंत्र और विपक्ष की भूमिका
बृजेंद्र सिंह ने संसद में विपक्ष की आवाज दबाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को संसद में बोलने से रोकने की कोशिशें की गईं और उनकी सदस्यता समाप्त करने तक की मांग उठाई गई। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए कहा कि स्वस्थ लोकतंत्र में सरकार और विपक्ष दोनों की भूमिका समान रूप से महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि सत्ता में बने रहने के लिए लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करना देश के भविष्य के लिए ठीक नहीं है। इस मौके पर पूर्व केन्द्रीय मंत्री चौ. बीरेंद्र सिंह, पवन अग्रवाल- कांग्रेस जिला शहरी अध्यक्ष, ईश्वर सिंह सांगवान, IAS (Retd.) सुरजीत सिंह, मिथुन वर्मा, मलकीत सिंह, उपनाम सिंह, देवेंद्र बजाज प्रदेश प्रवक्ता, गुरतेज सिंह- मेम्बर sgpc, सुरजीत सिंह, स्वर्ण कुमार नैन, जितेंद्र बिष्ठ, अनिका शुक्ला शर्मा- सचिव सेवा दल हरियाणा गुरनाम सिंह, कृपाल सिंह, कुलविंदर कौर, गुरप्रीत सिंह लाडी, उमाशंकर यादव, सुषमा चौधरी, प्रवीण गिल, जितेंद्र मान, हीरा कपूर उपस्थित रहे।