मूसलाधार बारिश से पानी-पानी हुए गुरुग्राम में यातायात की बिगड़ी स्थिति पर नियंत्रण के लिए पुलिस के पांच
हजार जवानों की तैनाती की गई। स्थिति जानने और यातायात व्यवस्था को देखने केलिए बीती देर रात तक जिला उपायुक्त अजय कुमार और पुलिस आयुक्त विकास कुमार अरोड़ा भी सडकों पर नजर आए। उन्होंने बरसात से हुए जलभराव को जायजा लेते हुए अपने अधीनस्थ अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। बरसात में इस बार भी महाजाम जैसी स्थिति बन गई। दिल्ली बॉर्डर से लेकर गुरुग्राम-जयपुर नेशनल हाइवे-48 पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया।
गुरुग्राम पुलिस के 5000 जवानों ने भारी बारिश में लगे जाम को खुलवाकर सुगम आवागमन कराने में मोर्चा संभाला। आधी रात से भी ज्यादा समय तक ये जवान ड्यूटी पर डटे रहे। जलभराव वाले स्थानों पर हर 10 मीटर पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। शहर में लगातार हो रही भारी बरसात के बीच हालातों का जायजा लेने के लिए उपायुक्त अजय कुमार सडकों पर उतरे और व्यवस्थाओं की समीक्षा की। इस दौरान पुलिस कमिश्नर विकास अरोड़ा भी उनके साथ मौजूद रहे। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जलभराव वाले चिन्हित स्थानों पर पानी न भरने पाए, इसके लिए टीमें पूरी चौकसी और तत्परता के साथ कार्य करें।
DC अजय कुमार ने कहा कि मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है। लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसलिए कॉरपोरेट कार्यालयों से अपील की गई है कि कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की सुविधा दें। साथ ही जिले के विद्यालयों को मंगलवार को ऑनलाइन कक्षाएं आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि बच्चों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने नागरिकों से भी आग्रह किया कि आवश्यकता पडऩे पर ही घरों से बाहर निकलें और प्रशासन द्वारा जारी की जा रही एडवाइजरी का पालन करें।
संभावित जलभराव वाले स्थानों की निरंतर करें मॉनिटरिंग : DC ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ स्थल निरीक्षण के दौरान कहा कि सभी टीमें लगातार निगरानी करती रहें। जिन क्षेत्रों में जलभराव की संभावना अधिक रहती है, वहां अतिरिक्त संसाधन और कर्मचारी तैनात किए जाएं। साथ ही जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की टीमें भी लगातार अलर्ट पर रहें, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके। इस दौरान गुरुग्राम पुलिस कमिश्नर विकास अरोड़ा ने कहा कि सोमवार को अनुमान से कहीं अधिक वर्षा हुई, जिससे कई स्थानों पर जलभराव हो गया। ट्रैफिक पुलिस ने समय रहते मोर्चा संभाल लिया। उन्होंने कहा कि 5000 पुलिसकर्मियों को सडकों पर तैनात किया गया। जिन्होंने शहर के विभिन्न इलाकों में लगातार यातायात को सुचारू बनाए रखा। संभावित जलभराव वाले स्थानों पर सुगम यातायात सुनिश्चित करने के लिए लगभग प्रत्येक 10 मीटर पर पुलिसकर्मी खड़े रहे और वाहनों को निकालने में मदद करते रहे। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि मंगलवार को भी भारी बारिश की संभावना को देखते हुए पुलिस और प्रशासन दोनों ही अलर्ट मोड पर रहेंगे।
संयुक्त रूप से किए गए प्रयासों से शहर की स्थिति नियंत्रण में रही और अधिकांश स्थानों पर यातायात को
सामान्य कर दिया गया। DC अजय कुमार और पुलिस कमिश्नर विकास अरोड़ा ने संयुक्त रूप से नागरिकों से
अपील की कि वे धैर्य बनाए रखें। प्रशासन और पुलिस हर स्थिति से निपटने के लिए पूर्ण रूप से तैयार हैं।
कादीपुर व हरसरू उप-तहसील क्षेत्र में हुई सबसे अधिक बारिश : सोमवार एक सितंबर की सुबह आठ बजे से लेकर मंगलवार 2 सितंबर की सुबह आठ बजे तक कादीपुर व हरसरू उप-तहसील क्षेत्र में सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई। उप-तहसील कादीपुर व उप-तहसील हरसरू में 160 M.M. बारिश हुई। तहसील वजीराबाद में 153 M.M बारिश दर्ज की गई। गुरुग्राम तहसील क्षेत्र में 138 एम.एम., बादशााहपुर तहसील क्षेत्र में 99 एम.एम., बादशाहपुर उप- तहसील में 99 एम.एम., मानेसर व फर्रुखनगर तहसील में 44 एम.एम., सोहना तहसील क्षेत्र में 42 एम.एम. और पटौदी तहसील क्षेत्र में 28 एम.एम. बरसात दर्ज की गई।