सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले में हुए हादसे को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने संबंधित अधिकारियों को सभी मेलों और सार्वजनिक आयोजनों में सुरक्षा मानकों की सख्ती से पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने सभी झूलों और अन्य उपकरणों की तकनीकी जांच, फिटनेस प्रमाणन और संचालन व्यवस्था की व्यापक समीक्षा कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि मानव जीवन की सुरक्षा सर्वोपरि है और किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पीड़ित परिवारों और घायलों को हर संभव सहयोग और सहायता प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
शहीद इंस्पेक्टर को श्रद्धांजलि
हादसे में बलिदान हुए इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दुखद घड़ी में राज्य सरकार परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। मुख्यमंत्री ने घायलों की स्वास्थ्य स्थिति की समीक्षा करते हुए बताया कि सुप्रीम अस्पताल में भर्ती 8 घायलों में से 4 को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है, जबकि 4 का इलाज जारी है। इसके अलावा बीके सिविल अस्पताल में भर्ती चार घायलों को भी उपचार के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को राज्य सरकार की ओर से एक-एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। वहीं अन्य घायलों को भी नियमानुसार सहायता प्रदान की जाएगी।