नववर्ष की खुशियों की आड़ में डिजिटल ठगों ने आम जनता की जमापूंजी पर डाका डालने का नया और घातक तरीका अपनाया है। अगर आपके पास मोबाइल पर नववर्ष उपहार या बधाई के नाम से कोई संदिग्ध फाइल (एपीके) आई है, तो उसे खोलने की भूल कतई न करें। यह एक अदृश्य जाल है, जो न केवल आपके बैंक खाते को साफ कर सकता है, बल्कि आपके मोबाइल में सुरक्षित निजी चित्र, चलचित्र और गुप्त दस्तावेजों तक अपराधियों की पहुंच बना सकता है। जिला पुलिस ने इस खतरे को लेकर आमजन को जागरूक रहने की कड़ी चेतावनी दी है। डिजिटल अपराध थाना पुलिस के अनुसार, ठग व्हाट्सएप और अन्य माध्यमों से उपहार या शुभकामनाओं का लालच देकर एक विशेष फाइल भेजते हैं।
जैसे ही कोई व्यक्ति इस फाइल को अपने फोन में डालता है, उसमें छिपा हुआ वायरस सक्रिय हो जाता है। इसके बाद आपके मोबाइल का पूरा नियंत्रण अपराधी के पास चला जाता है। वे आपके बैंक से जुड़े संदेशों और गुप्त कोड (ओटीपी) को पढ़ लेते हैं और मिनटों में खाते से भारी रकम पार कर देते हैं।
होने वाले मुख्य नुकसान : बैंक खाते और जमापूंजी की तत्काल चोरी। निजी बैंक खातों के गोपनीय कूट शब्दों का लीक होना। मोबाइल से निजी चित्र और चलचित्रों की चोरी। आधार कार्ड और पैन कार्ड जैसे जरूरी दस्तावेजों का दुरुपयोग। मित्रों और परिजनों को आपके नाम से फर्जी संदेश भेजना।
सुरक्षा के लिए क्या करें : किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक या फाइल को न खोलें। परिचितों के नंबर से आए संदिग्ध संदेश की पहले फोन कर पुष्टि करें। मोबाइल में अज्ञात स्रोतों से कोई भी सामग्री न डालें। मोबाइल की सुरक्षा व्यवस्था को हमेशा आधुनिक रखें। नववर्ष पर बधाई के नाम से भेजी जाने वाली फाइलें ठगी का बड़ा माध्यम बन चुकी है। किसी भी लालच या जिज्ञासा में आकर इन्हें न खोलें। सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। ठगी होने पर तुरंत सहायता केंद्र के नंबर 1930 पर सुचित करें।