हरियाणा रोडवेज डिपो नूँह राजस्व के मामले में बड़ी छलांग लगाते हुए 19 वें पायदान से छठे पायदान पर पहुंच गया है। विभाग को प्रतिदिन 2 – 3 लाख रुपए का राजस्व प्राप्त हो रहा है। पहले करीब 5.50 लाख रुपए राजस्व प्रति माह 81 रोडवेज की बसों से आता था, जो अब लगभग 8 लाख रुपए प्रतिदिन तक पहुंच चुका है। ग्रामीण व शहरी रूट में बदलाव के बाद रोडवेज के बेड़े में यह क्रांति आई है। जीएम कुलदीप जांगड़ा के द्वारा चार्ज संभालने के बाद रूटों में किए गए बदलाव के बाद यह संभव हो पाया है।
अब उनका अगला लक्ष्य जिले में चल रहे अवैध वाहनों के चालान काटकर राजस्व को बढ़ाना है ताकि नूँह को राज्य में राजस्व के एतबार से टॉप 3 में शामिल हो सके। उन्होंने हाल ही में आर जे 05 पी ए 7252 अवैध बस का चालान भी किया है, जो लंबे समय से नियमों को दर किनार कर नूँह जिले की सड़कों पर दौड़ रही थी। जीएम बोले कि आगे आरटीए व पुलिस विभाग की मदद लेकर अवैध वाहनों के चालान काटे जाएंगे। कुलदीप जांगड़ा जीएम नूँह ने पत्रकारों को बताया कि बड़कली – पुनहाना तथा पुनहाना वाया शिकरावा – नूँह, नूँह वाया उटावड़ हथीन, देवला नंगली – नूँह इत्यादि ग्रामीण रूटों को भी शुरू किया गया है।
बालिका शिक्षा वाहिनी में जो कई बसें लगी हुई हैं, उनके फेरे बढ़ाए गए हैं। जो कई चालक – परिचालक मनमानी कर रहे थे उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। जीएम कुलदीप जांगड़ा ने बताया कि उन्हें कुछ दिन पहले ही 22 नई बसें मिली हैं और अगले एक महीने तक 18 नई बसें रोडवेज डिपो नूँह के बेड़े में शामिल हो जाएंगी। उन्होंने यह भी बताया कि पुरानी बी एस 4 की 10 बसें कुरुक्षेत्र डिपो को नूँह से भेजी गई हैं और आने वाले समय में 15 पुरानी बसें हिसार डिपो के लिए भेजी जाएंगी।
जीएम नूँह ने बताया कि पहले 20000 किलोमीटर प्रतिदिन औसतन रोडवेज की बसें सड़कों पर फर्राटा भरती थी, जो अब बढ़कर 25000 किलोमीटर प्रतिदिन हो चुका है। हरियाणा राज्य परिवहन विभाग को कैसे राजस्व मिले और हरियाणा रोडवेज डिपो नूँह प्रदेश के गिने – चुने जिलों में शामिल हो। इस पर उनका पूरा फोकस है। आने वाले समय में ऐसे गांव को भी रोडवेज बसों से जोड़ा जाएगा, जहां के यात्रियों को कई दशकों से गांव से सीधी बस सेवा नहीं मिल पाई है। कुल मिलाकर हरियाणा रोडवेज डिपो नूँह में तेजी से बदलाव हो रहे हैं और यही वजह है कि अब यह डिपो राज्य में चर्चा में आ चुका है।