यमुना के साथ बड़खल झील का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। नमो घाट की रेलिंग भी पानी में डूब गई हैं। अब पानी सीढ़ियों में ऊपर तक पहुंच रहा है। एक सप्ताह से चल रही बारिश को जल स्तर बढ़ने की मुख्य वजह बताया जा रहा है। लोगों की चिंता को देखते हुए फरीदाबाद स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने झील में जा रहे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के शोधित पानी को बन्द करवा दिया है। बारिश और अरावली का पानी झील तक पहुंच रहा दरअसल, लगातार हो रही भारी बारिश और अरावली की पहाड़ियों से उतरता पानी बड़खल झील का जलस्तर तेजी से बढ़ा रहा है। एक सप्ताह में झील का पानी इतना ऊपर आ गया है कि नमो घाट की रेलिंग तक डूबने लगी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर पानी लगातार इसी तरह बढ़ता रहा तो आस-पास की कॉलोनियों में भी खतरा गहरा जाएगा। पहले बारिश के पानी की निकासी के लिए रजवाहा बनाया गया था, लेकिन अब वह खाली पड़ा है और उसका कोई उपयोग नहीं हो रहा। इस लापरवाही ने लोगों को गंभीर चिंता में डाल दिया है। पुराने बांध की सुरक्षित व्यवस्था अब गायब स्थानीय लोगों का कहना है कि बड़खल झील के पुराने स्वरूप में पानी निकासी के लिए मजबूत इंतजाम मौजूद थे। यमुना की तरह इसमें लोहे का गेट लगा होता था जिसे जरूरत पड़ने पर खोला जा सकता था।
इसके अलावा गहराई नापने के लिए निशान भी बने थे ताकि समय रहते खतरे का अंदाजा लगाया जा सके। लेकिन 110 करोड़ की लागत से बन रही नई झील में यह व्यवस्था पूरी तरह नदारद है। सुरक्षा से जुड़ा ऐसा बुनियादी प्रावधान न होना सीधे तौर पर लापरवाही को दिखाता है और लोगों को और ज्यादा असुरक्षित महसूस कराता है। निकासी मार्ग पर अतिक्रमण, खतरा और बढ़ा झील से अतिरिक्त पानी निकालने का जो रजवाहा है, वह बड़खल चौक तक ही मौजूद है। इसके आगे कोई ठोस निकासी का रास्ता नहीं है। जो नाला पहले झील से पानी निकालकर यमुना तक पहुंचाता था, उस पर पहले ही भारी अतिक्रमण हो चुका है। झील की तलहटी तक कॉलोनियों का विकास हो चुका है, जहां हजारों लोग रहते हैं।
बारिश से झील भरने पर अब ये कॉलोनियां सीधे खतरे में हैं। लोग कह रहे हैं कि प्रशासन की लापरवाही और अतिक्रमण पर कार्रवाई न होने की वजह से उनका जीवन खतरे में है। निर्माण कार्य पर भी उठ रहे सवाल बड़खल झील पर हो रहे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि मोटल के पास पहाड़ी को समतल करने का काम चल रहा है और उसके पत्थर झील में गिराए जा रहे हैं, जिससे जलस्तर और बढ़ रहा है। वहीं, झील की फर्श भी बैठने लगी है और जगह-जगह से पत्थर उखड़ने लगे हैं। अरावली क्षेत्र में सुप्रीम कोर्ट ने खुदाई पर रोक लगा रखी है, इसके बावजूद निर्माण कार्य से झील की स्थिति और गंभीर होती दिख रही है। स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि गुणवत्ता की जांच करवाई जाए और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए। अधिकारी बोले- पंप से निकाला जाएगा पानी फरीदाबाद स्मार्ट सिटी लिमिटेड के कार्यकारी अभियंता संजीव ने कहा कि मंगलवार को बड़खल झील का दौरा किया गया और एसटीपी से आने वाला पानी रोक दिया गया है। उन्होंने बताया कि झील से अतिरिक्त पानी निकालने के लिए पंप लगाए जाएंगे और इसके लिए तैयारी की जा रही है।