हरियाणा आबकारी एवं कराधान विभाग द्वारा सफल पैलेस रादौर में जीएसटी पर आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि बोलते हुए हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण, मत्स्य एवं पशु पालन मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा जीएसटी दरों में संशोधन करना एक ऐतिहासिक निर्णय है। इस निर्णय से उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही महंगाई से भी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि जीएसटी की दरों में संशोधन से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वोकल से लोकल विचार को बढ़ावा मिलेगा साथ ही देश आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ेगा। उन्होंने बताया कि GST की अब केवल दो दरें 5 और 18 % रह जाने से महंगाई काफी हद तक कम हो जाएगी। यह निर्णय 22 सितंबर यानी नवरात्र के पहले दिन से लागू होगा। नवरात्र से ही करोड़ों परिवारों की जरूरत की चीजें और सस्ती हो जाएंगी। उन्होंने कहा कि जीएसटी सुधारों से जीवन स्तर में सुधार होगा, उपभोग और विकास को नया बूस्टर मिलेगा।
कैबिनेट मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि विदेशों में लोग सफाई की ओर विशेष ध्यान देते हैं तभी वे देश सफाई के मामले में सबसे आगे है। इसलिए यदि हमें भी अपने गांव, शहर, प्रदेश व देश को साफ-सफाई एवं स्वच्छता में आगे बढ़ाना है तो हम सभी को स्वच्छता के मामले में आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि अक्सर लोग खाने पीने की चीजों का इस्तेमाल करके कचरा इधर-उधर फेंक देते हैं, जिसके कारण गंदगी फैलती है। इसलिए हम सभी का दायित्व बनता है कि हम खाने-पीने की वस्तुओं को इधर-उधर न फैंके बल्कि उसको उचित स्थान पर डालें ताकि आस-पास गंदगी न फैलें।
कृषि मंत्री ने कहा कि हम सभी को देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की एक पेड़ मां के नाम चलाई गई मुहिम का हिस्सा बनना चाहिए। यदि हमें अपना पर्यावरण दूषित होने से बचाना और भंयकर बीमारियों से बचना है तो हमें इस मुहिम का हिस्सा बनना ही पड़ेगा। आज हमारा पर्यावरण लगातार दूषित होता जा रहा है। इसलिए पर्यावरण को बचाने के लिए हमें एक पेड़ अवश्य लगना चाहिए और उसकी देखभाल भी अवश्य करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पेड़ पौधे से हमें जीवन मिलता है, ये हमारे जीवनदाता है। उन्होंने कहा कि यदि हम समय रहते पर्यावरण के प्रति जागरूक नहीं हुए तो इसका खामियाजा हमारी आने वाली पीढिय़ों का उठाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है।
अन्य प्रदेश भी हरियाणा की नीतियों का अनुसरण कर रहे हैं, जो अपने आप में मिसाल है। कृषि मंत्री ने कहा कि आज देश के प्रत्येक व्यक्ति को स्वदेशी अपनाने की जरूरत है। महात्मा गांधी ने अंग्रेजी हुकूमत का विरोध करते हुए विदेशी सामान का बहिष्कार किया था और लोगों को स्वदेशी अपनाने के लिए प्रेरित किया था। इसी कड़ी में 2 अक्तूबर को पूरे देश में स्वदेशी अपनाने के लिए विदेशी वस्तुओं का त्याग करने का आह्वान किया। उन्होंने लोगों का आह्वान किया कि वे गांधी जयंती के अवसर पर देश में बने सामान को खरीद करने की अपील की। जिससे हम स्वदेशी की शुरुआत कर सकें। स्वदेशी वस्तुएं अपनाने से हमारी अर्थव्यवस्था मजबूत होने के साथ-साथ हमारा देश भी उन्नति के मार्ग पर आगे बढ़ेगा।