सड़क हादसे में घायल 23 वर्षीय युवक ने 21 दिन बाद उपचार के दौरान अस्पताल में दम तोड़ दिया। पुलिस ने मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया। तीन माह पहले जन्मे बेटे के सिर से हादसे ने पिता का साया छीन लिया। शहर के दमदमा मोड़ स्थित एक निजी अस्पताल में गांव लाखूवास निवासी कपिल को सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल होने के बाद भर्ती कराया गया था। करीब 21 दिन तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद शनिवार को कपिल ने दम तोड़ दिया। शहर थाना पुलिस ने नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
एक फरवरी को हुआ था हादसा:
जानकारी के अनुसार, एक फरवरी की रात कपिल अपने पड़ोसी सोनू और 3 बच्चों के साथ सोहना से पैदल सड़क किनारे घर जा रहा था। रात करीब साढ़े 8 बजे पीछे से आई एक गाड़ी ने कपिल और सोनू को टक्कर मार दी। हादसे में कपिल को सिर, हाथ और मुंह में गंभीर चोटें आईं, जबकि सोनू भी घायल हो गया। दोनों को नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से डॉक्टरों ने कपिल को गुरुग्राम रेफर कर दिया। हालांकि परिजनों ने उसे दमदमा मोड़ स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया।
गाड़ी चालक की पहचान:
हादसे में घायल सोनू ने बताया कि गाड़ी उनके गांव के ही एक व्यक्ति की थी। रात का अंधेरा होने के कारण वह चालक को ठीक से पहचान नहीं सका, लेकिन वाहन के पंजीकरण नंबर से पहचान हो गई। शहर थाना पुलिस ने आरोपी चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
तीन माह पहले बना था पिता:
ग्रामीणों के अनुसार, कपिल का विवाह करीब एक साल पहले हुआ था और 3 माह पहले ही उसकी पत्नी ने बेटे को जन्म दिया था। अब बेटे के सिर से पिता का साया उठ जाने से गांव में शोक और मायूसी का माहौल है।