स्वास्थ्य विभाग ने 13 से 14 वर्ष की आयु की नाबालिग किशोरियों को एचपीवी (स्वास्थ्य सुरक्षा टीकाकरण) लगाने का अभियान शुरू कर दिया है। स्थानीय नागरिक अस्पताल में दो दिनों के भीतर चार नाबालिग किशोरियों को यह वैक्सीन लगाई गई है। महिलाओं में स्तन और बच्चेदानी के कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। केंद्र और राज्य सरकार ने इन बीमारियों से बचाव के लिए यह टीका तैयार किया है। इस टीके की कीमत बाजार में करीब दो हजार से 11 हजार रुपये तक बताई जाती है। यह टीका महिलाओं को जीवनभर स्तन और बच्चेदानी के कैंसर से बचाने में सहायक माना जा रहा है। प्रदेश के सभी नागरिक अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर यह टीका मुफ्त लगाने की शुरुआत कर दी गई है। स्थानीय नागरिक अस्पताल में पहले चरण में 300 नाबालिग किशोरियों का टीकाकरण किया जाएगा।
शिक्षा और बाल विकास परियोजना विभाग का सहयोग:
हाल ही में जिला उपायुक्त Ajay Kumar ने स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग और बाल विकास परियोजना विभाग के जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक कर इस टीकाकरण अभियान को सफल बनाने के निर्देश दिए हैं। शिक्षा विभाग और बाल विकास परियोजना विभाग स्वास्थ्य विभाग को 13 से 14 वर्ष की आयु वाली किशोरियों की संख्या उपलब्ध कराएंगे, ताकि सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और नागरिक अस्पतालों के क्षेत्र में आने वाली किशोरियों का समय पर टीकाकरण किया जा सके।
नागरिक अस्पताल में अभियान की शुरुआत:
स्थानीय नागरिक अस्पताल में इस टीकाकरण अभियान की शुरुआत कर दी गई है। सोमवार को पहले दिन तीन और मंगलवार को एक किशोरी का टीकाकरण किया गया। धीरे-धीरे यह अभियान गति पकड़ेगा। अभियान को तेज करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने भी तैयारी शुरू कर दी है। जिला उपायुक्त के निर्देश पर 13 से 14 वर्ष की आयु वाली छात्राओं की संख्या खंड स्तर पर मांगी गई है। वहीं शिक्षा विभाग ने भी अभियान में सहयोग देने के लिए आंकड़े एकत्रित करने का काम शुरू कर दिया है।
वर्जन:
महिलाओं में कैंसर की बीमारी पुरुषों की तुलना में तेजी से बढ़ रही है। खासकर स्तन और बच्चेदानी के कैंसर के मामले अधिक सामने आ रहे हैं, जिसके कारण कई महिलाएं असमय मौत का शिकार हो रही हैं। ऐसे में इस टीकाकरण अभियान को तेज गति से आगे बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। (नीरु यादव-प्रभारी नागरिक अस्पताल सोहना)